डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट

Germany
बल्लेबाज़

डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट के बारे में

नाम
डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट
जन्मतिथि
8 अप्रैल 1995
उम्र
31 वर्ष, 04 महीने, 20 दिन
जन्म स्थान
-
रोल
बल्लेबाज़
बल्लेबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइल
राईट-आर्म फ़ास्ट

डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट की प्रोफाइल

डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट बल्लेबाज़ हैं। अप्रैल 08, 1995 को जन्मे डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट अब तक Germany जैसी टीमों के साथ खेल चुके हैं।

डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी000
गेंदबाजी000

डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट के करियर आँकड़े

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M00290000
Inn00250000
NO0050000
Runs003620000
HS--47*----
Avg0018.10000
BF003930000
SR0092.110000
1000000000
500000000
6s00150000
4s00180000

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M00290000
Inn00210000
O0045.40000
Mdns0010000
Balls002740000
Runs003410000
W00180000
Avg0018.940000
Econ007.460000
SR0015.220000
5w0000000
4w0010000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches0060000
Stumps0000000
Run Outs0030000

डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट के डेब्यू/अंतिम मैच

T20I MATCHES
डेब्यू
Germany vs Norway on Aug 5, 2021
आखिरी
Germany vs Italy on Jul 28, 2023

टीमें

Frequently Asked Questions (FAQs)

डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट ने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू कब किया था?

05 अगस्त 2021

डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट ने अभी तक वनडे में कितने शतक लगाए हैं?

0 शतक

डायलन अलेक्जेंडर ब्लिग्नॉट का वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर कितना है?

0 रन

न्यूज अपडेट्स

sonal dinusha
SportsTak
Fri - 28 Aug 2026

भारत की रक्षात्मक स्टाइल का श्रीलंका ने उठाया फायदा, सोनल ने पलटा मैच

भारतीय क्रिकेट टीम ने मैच के पहले सत्र में एक defensive mindset के साथ शुरुआत की। श्रीलंका के बल्लेबाज Sunal Dinusha और निचले क्रम के बल्लेबाजों (Nuwantha, Jayasuriya, Kumara, Fernando) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। Sunal Dinusha ने नाबाद 133 रनों की बेहतरीन पारी खेली और सीरीज में 700 से अधिक गेंदें खेलीं। कप्तान और कोचिंग स्टाफ की defensive फील्ड सेटिंग, जिसमें अटैकिंग फील्डर्स की कमी थी, ने श्रीलंकाई पुछल्ले बल्लेबाजों को आसानी से सिंगल लेने और रन बनाने का मौका दिया। जडेजा और मानव सुथार जैसे स्पिनर्स के प्रभावहीन रहने के कारण पहला सत्र पूरी तरह श्रीलंका के पक्ष में रहा और भारत के हाथ से मैच फिसल गया।