Fatmata Parkinson

Sierra Leone Women
बल्लेबाज़

Fatmata Parkinson के बारे में

नाम
Fatmata Parkinson
जन्मतिथि
1 सितम्बर 1999
उम्र
26 वर्ष, 11 महीने, 27 दिन
जन्म स्थान
सिएरा लियॉन
रोल
बल्लेबाज़
बल्लेबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का मध्यम गेंदबाज

Fatmata Parkinson की प्रोफाइल

Fatmata Parkinson बल्लेबाज़ हैं। सितंबर 01, 1999 को जन्मे Fatmata Parkinson अब तक Sierra Leone Women जैसी टीमों के साथ खेल चुके हैं।

Fatmata Parkinson की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी001211
गेंदबाजी000

Fatmata Parkinson के करियर आँकड़े

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IWPLFirst ClassList ADomestic T20
M00250000
Inn00110000
NO0010000
Runs00810000
HS--30*----
Avg008.10000
BF001110000
SR0072.970000
1000000000
500000000
6s0000000
4s0040000

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IWPLFirst ClassList ADomestic T20
M0000000
Inn0000000
O0000000
Mdns0000000
Balls0000000
Runs0000000
W0000000
Avg0000000
Econ0000000
SR0000000
5w0000000
4w0000000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IWPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches0040000
Stumps0000000
Run Outs0000000

Fatmata Parkinson के डेब्यू/अंतिम मैच

T20I MATCHES
डेब्यू
Sierra Leone Women vs Botswana Women on Aug 23, 2018
आखिरी
Sierra Leone Women vs Cameroon Women on Jun 5, 2025

टीमें

Frequently Asked Questions (FAQs)

Fatmata Parkinson ने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू कब किया था?

23 अगस्त 2018

Fatmata Parkinson ने अभी तक वनडे में कितने शतक लगाए हैं?

0 शतक

Fatmata Parkinson का वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर कितना है?

0 रन

न्यूज अपडेट्स

sonal dinusha
SportsTak
Fri - 28 Aug 2026

भारत की रक्षात्मक स्टाइल का श्रीलंका ने उठाया फायदा, सोनल ने पलटा मैच

भारतीय क्रिकेट टीम ने मैच के पहले सत्र में एक defensive mindset के साथ शुरुआत की। श्रीलंका के बल्लेबाज Sunal Dinusha और निचले क्रम के बल्लेबाजों (Nuwantha, Jayasuriya, Kumara, Fernando) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। Sunal Dinusha ने नाबाद 133 रनों की बेहतरीन पारी खेली और सीरीज में 700 से अधिक गेंदें खेलीं। कप्तान और कोचिंग स्टाफ की defensive फील्ड सेटिंग, जिसमें अटैकिंग फील्डर्स की कमी थी, ने श्रीलंकाई पुछल्ले बल्लेबाजों को आसानी से सिंगल लेने और रन बनाने का मौका दिया। जडेजा और मानव सुथार जैसे स्पिनर्स के प्रभावहीन रहने के कारण पहला सत्र पूरी तरह श्रीलंका के पक्ष में रहा और भारत के हाथ से मैच फिसल गया।