फ़ियाज़ अहमद

Bahrain
बल्लेबाज़

फ़ियाज़ अहमद के बारे में

नाम
फ़ियाज़ अहमद
जन्मतिथि
20 दिसम्बर 1987
उम्र
38 वर्ष, 08 महीने, 01 दिन
जन्म स्थान
-
रोल
बल्लेबाज़
बल्लेबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइल
-

फ़ियाज़ अहमद की प्रोफाइल

फ़ियाज़ अहमद बल्लेबाज़ हैं। दिसंबर 20, 1987 को जन्मे फ़ियाज़ अहमद अब तक Bahrain जैसी टीमों के साथ खेल चुके हैं।

फ़ियाज़ अहमद की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी00263
गेंदबाजी000

फ़ियाज़ अहमद के करियर आँकड़े

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M00730021
Inn00680021
NO00160010
Runs001677005539
HS--105*--50*
Avg0032.25005539
BF001370007741
SR00122.410071.4395.12
1000010000
500080010
6s00900011
4s001060041

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M0000000
Inn0000000
O0000000
Mdns0000000
Balls0000000
Runs0000000
W0000000
Avg0000000
Econ0000000
SR0000000
5w0000000
4w0000000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches00260010
Stumps0000000
Run Outs0010000

फ़ियाज़ अहमद के डेब्यू/अंतिम मैच

T20I MATCHES
डेब्यू
Bahrain vs Saudi Arabia on Jan 20, 2019
आखिरी
Bahrain vs Malaysia on Mar 10, 2026

टीमें

Frequently Asked Questions (FAQs)

फ़ियाज़ अहमद ने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू कब किया था?

20 जनवरी 2019

फ़ियाज़ अहमद ने अभी तक वनडे में कितने शतक लगाए हैं?

0 शतक

फ़ियाज़ अहमद का वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर कितना है?

0 रन

न्यूज अपडेट्स

wtc final team india
SportsTak
Fri - 21 Aug 2026

Team India को WTC Final में पहुंचने के लिए कितने मैच जीतने होंगे ?

श्रीलंका के खिलाफ गॉल में पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद अब भारतीय टीम का सामना कोलंबो में होने वाले दूसरे टेस्ट में होगा। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के प्वाइंट्स टेबल में फिलहाल भारतीय टीम पांचवें स्थान पर मौजूद है। ऐसे में फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए टीम इंडिया के लिए दूसरा टेस्ट मैच जीतना बेहद जरूरी माना जा रहा है। अगर भारतीय टीम यह मुकाबला हारती है तो WTC का समीकरण पेचीदा हो सकता है। भारत को आने वाले समय में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी टेस्ट सीरीज खेलनी है। WTC के फाइनल में जगह बनाने के लिए भारत को अपने बचे हुए मैचों में से अधिक से अधिक मुकाबले जीतने होंगे। इसके साथ ही अन्य टीमों जैसे साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के प्रदर्शन और उनके प्वाइंट्स प्रतिशत पर भी नजर रखनी होगी।