George Thornton

South Africa
Bowler

George Thornton के बारे में

नाम
George Thornton
जन्मतिथि
24 दिसम्बर 1867
आयु
158 वर्ष, 04 महीने, 00 दिन
जन्म स्थान
England
रोल
Bowler
बल्लेबाजी स्टाइल
Left Handed
गेंदबाजी स्टाइल
Slow left-arm orthodox

George Thornton की प्रोफाइल

George Thornton का जन्म Dec 24, 1867 को हुआ। इस bowler खिलाड़ी ने अब तक South Africa की ओर से क्रिकेट खेला है।

George Thornton की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी000
गेंदबाजी000

George Thornton के करियर आँकड़े

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M10004000
Inn10003800
O4.000.000.000.00388.000.000.00
Mdns000011100
Balls24000194400
Runs2000098700
W10003100
Avg20.000.000.000.0031.000.000.00
Econ5.000.000.000.003.000.000.00
SR24.000.000.000.0062.000.000.00
5w0000100
4w0000100

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M10004000
Inn10006600
NO10001000
Runs1000126200
HS100016100
Avg0.000.000.000.0022.000.000.00
BF0000000
SR0.000.000.000.000.000.000.00
1000000100
500000400
6s0000000
4s0000000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches10001200
Stumps0000000
Run Outs0000000

George Thornton का डेब्यू/आखिरी मैच

TEST MATCHES
डेब्यू
South Africa vs Australia on Oct 11, 1902
आखिरी
South Africa vs Australia on Oct 11, 1902

टीमें

न्यूज अपडेट्स

shardul
SportsTak
Fri - 24 Apr 2026

MI vs CSK: क्या शार्दुल ठाकुर को गलत तरीके से कन्कशन सब्सटीट्यूट बनाया गया

चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए मुकाबले में चेन्नई ने जीत दर्ज की, लेकिन मैच में कनकशन सब्स्टीट्यूट नियम के इस्तेमाल पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मैच के दौरान एक कैच पकड़ते समय एक खिलाड़ी के कंधे में चोट लग गई थी। इसके बावजूद उन्हें कनकशन सब्स्टीट्यूट नियम के तहत बाहर कर उनकी जगह एक अन्य खिलाड़ी को मैदान पर उतारा गया। आईपीएल के नियमों के अनुसार कनकशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल केवल सिर या गर्दन की चोट के लिए किया जा सकता है। टीम के मुख्य कोच ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ी को पहले सिर और गर्दन पर चोट लगी थी और स्कैन के बाद उन्हें चक्कर आ रहे थे। कोच के अनुसार यह पूरी तरह से मैच रेफरी और अंपायर का फैसला था। हालांकि, एक स्पिनर की जगह तेज गेंदबाज को भेजने और कंधे की चोट के बावजूद इस नियम के इस्तेमाल को लेकर अंपायर के फैसले पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस मैच में चेन्नई ने 207 रन बनाकर जीत हासिल की।