मर्सिया

Malaysia Women
गेंदबाज़

मर्सिया के बारे में

नाम
मर्सिया
जन्मतिथि
23 मार्च 2009
उम्र
17 वर्ष, 05 महीने, 05 दिन
जन्म स्थान
मलेशिया
रोल
गेंदबाज़
बल्लेबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइल
बाएं हाथ का तेज-मध्यम गेंदबाज

मर्सिया की प्रोफाइल

मर्सिया का जन्म मार्च 23, 2009 को हुआ। इस गेंदबाज़ खिलाड़ी ने अब तक Malaysia Women, Malaysia Women Under-19, Johor Women की ओर से क्रिकेट खेला है।

मर्सिया की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी001265
गेंदबाजी00919

मर्सिया के करियर आँकड़े

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IWPLFirst ClassList ADomestic T20
M0000000
Inn0000000
NO0000000
Runs0000000
HS-------
Avg0000000
BF0000000
SR0000000
1000000000
500000000
6s0000000
4s0000000

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IWPLFirst ClassList ADomestic T20
M0010000
Inn0010000
O0010000
Mdns0000000
Balls0060000
Runs0080000
W0000000
Avg0000000
Econ0080000
SR0000000
5w0000000
4w0000000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IWPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches0000000
Stumps0000000
Run Outs0000000

मर्सिया के डेब्यू/अंतिम मैच

T20I MATCHES
डेब्यू
Malaysia Women vs Qatar Women on May 16, 2025
आखिरी
Malaysia Women vs Qatar Women on May 16, 2025

Frequently Asked Questions (FAQs)

मर्सिया ने वनडे में कितनी बार पांच विकेट लिए हैं?

0 बार

मर्सिया ने टी20 इंटरनेशनल में कितने विकेट लिए हैं?

0 विकेट

मर्सिया के नाम डब्ल्यूपीएल में कितने विकेट हैं?

0

मर्सिया का जन्म कब हुआ?

23 मार्च 2009

न्यूज अपडेट्स

sonal dinusha
SportsTak
Fri - 28 Aug 2026

भारत की रक्षात्मक स्टाइल का श्रीलंका ने उठाया फायदा, सोनल ने पलटा मैच

भारतीय क्रिकेट टीम ने मैच के पहले सत्र में एक defensive mindset के साथ शुरुआत की। श्रीलंका के बल्लेबाज Sunal Dinusha और निचले क्रम के बल्लेबाजों (Nuwantha, Jayasuriya, Kumara, Fernando) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। Sunal Dinusha ने नाबाद 133 रनों की बेहतरीन पारी खेली और सीरीज में 700 से अधिक गेंदें खेलीं। कप्तान और कोचिंग स्टाफ की defensive फील्ड सेटिंग, जिसमें अटैकिंग फील्डर्स की कमी थी, ने श्रीलंकाई पुछल्ले बल्लेबाजों को आसानी से सिंगल लेने और रन बनाने का मौका दिया। जडेजा और मानव सुथार जैसे स्पिनर्स के प्रभावहीन रहने के कारण पहला सत्र पूरी तरह श्रीलंका के पक्ष में रहा और भारत के हाथ से मैच फिसल गया।