मियां सिद्दीक

Japan
गेंदबाज

मियां सिद्दीक के बारे में

नाम
मियां सिद्दीक
जन्मतिथि
9 फ़रवरी 2000
आयु
26 वर्ष, 02 महीने, 17 दिन
जन्म स्थान
-
रोल
गेंदबाज
बल्लेबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का मध्यम-तेज गेंदबाज

मियां सिद्दीक की प्रोफाइल

मियां सिद्दीक का जन्म Feb 9, 2000 को हुआ। इस गेंदबाज खिलाड़ी ने अब तक Japan, East Kanto Sunrisers, Chiba Sharks, Japan XI की ओर से क्रिकेट खेला है।

मियां सिद्दीक की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी000
गेंदबाजी000

मियां सिद्दीक के करियर आँकड़े

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M0030000
Inn0030000
O0.000.007.000.000.000.000.00
Mdns0000000
Balls00420000
Runs00340000
W0030000
Avg0.000.0011.000.000.000.000.00
Econ0.000.004.000.000.000.000.00
SR0.000.0014.000.000.000.000.00
5w0000000
4w0000000

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M0030000
Inn0020000
NO0000000
Runs00290000
HS00280000
Avg0.000.0014.000.000.000.000.00
BF00200000
SR0.000.00145.000.000.000.000.00
1000000000
500000000
6s0010000
4s0040000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches0000000
Stumps0000000
Run Outs0000000

मियां सिद्दीक का डेब्यू/आखिरी मैच

T20I MATCHES
डेब्यू
Japan vs Philippines on Jul 26, 2023
आखिरी
Japan vs China on Feb 16, 2024

Frequently Asked Questions (FAQs)

मियां सिद्दीक ने वनडे में कितनी बार पांच विकेट लिए हैं?

0 बार

मियां सिद्दीक ने टी20 इंटरनेशनल में कितने विकेट लिए हैं?

3 विकेट

मियां सिद्दीक के नाम आईपीएल में कितने विकेट हैं?

0

मियां सिद्दीक का जन्म कब हुआ?

9 फ़रवरी 2000

न्यूज अपडेट्स

pbks
SportsTak
Sun - 26 Apr 2026

Punjab ने रचा इतिहास, 265 रन किए चेज, KL Rahul के 150 बेकार और Ngidi हुए चोटिल

दिल्ली और पंजाब के बीच फिरोजशाह कोटला में खेले गए मुकाबले में पंजाब ने आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा 265 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया। दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केएल राहुल के 150 रनों की मदद से 20 ओवर में 264 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब ने पावरप्ले में 126 रन जोड़े। प्रियांश आर्या ने 17 गेंदों में 43 और प्रभसिमरन सिंह ने 26 गेंदों में 76 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 36 गेंदों में नाबाद 71 रन बनाकर टीम को 7 गेंद शेष रहते 6 विकेट से जीत दिलाई। मैच के दौरान दिल्ली के गेंदबाज लुंगी एनगिडी चोटिल हो गए, जिन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा बनाए गए ग्रीन कॉरिडोर की मदद से 11 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया। इस जीत के साथ पंजाब अंक तालिका में 7 मैचों में 6 जीत के साथ शीर्ष पर है। कोच रिकी पोंटिंग के मार्गदर्शन में पंजाब की टीम लगातार अच्छा खेल दिखा रही है।

lungi ngidi
SportsTak
Sun - 26 Apr 2026

Lungi Ngidi को कैच लेते वक्त लगी गंभीर चोट, मैदान पर आई एंबुलेंस,

दिल्ली और पंजाब के बीच खेले जा रहे मैच में एक बड़ा हादसा देखने को मिला है। दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 264 रन बनाए थे और पंजाब की टीम लक्ष्य का पीछा कर रही थी। पारी के तीसरे ओवर में अक्षर पटेल की गेंद पर प्रियांश आर्या ने एक ऊंचा शॉट खेला। इस कैच को पकड़ने के प्रयास में लुंगी एनगिडी पीछे की तरफ दौड़े और संतुलन बिगड़ने के कारण वह कमर और सिर के बल जमीन पर गिर गए। उनके सिर और गर्दन में गंभीर चोट आई। मैदान पर तुरंत मेडिकल टीम पहुंची और उनकी जांच की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मैदान के अंदर एंबुलेंस बुलाई गई। एनगिडी को नेक ब्रेस पहनाकर स्ट्रेचर के जरिए एंबुलेंस में ले जाया गया। इस दौरान रिकी पोंटिंग और हेमांग बदानी भी मैदान पर नजर आए। लुंगी एनगिडी के बाहर जाने के बाद दुष्मंता चमीरा को कनकशन सब्स्टीट्यूट के रूप में टीम में शामिल किया गया है।

lungi ngidi
SportsTak
Sun - 26 Apr 2026

Lungi Ngidi : अस्पताल में भर्ती हुए दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाज, जानें क्यों ?

दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले के दौरान एक बड़ा हादसा देखने को मिला। मैच के 15वें ओवर में दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी एक कैच पकड़ने के प्रयास में बुरी तरह चोटिल हो गए। कैच लेते समय वह पीछे की तरफ गिरे और उनकी लैंडिंग काफी खतरनाक थी, जिससे उनके सिर और गले पर गंभीर चोट आई। दर्द से कराह रहे एनगिडी मैदान से उठ नहीं पाए, जिसके बाद तुरंत एंबुलेंस को मैदान के अंदर बुलाना पड़ा। उन्हें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनके एमआरआई और अन्य जरूरी स्कैन किए गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, लुंगी एनगिडी की हालत अब स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है। डॉक्टरों द्वारा उन्हें जल्द ही अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा सकता है।