Mohit Thakur

Assam
•
हरफनमौला

Mohit Thakur के बारे में

नाम
Mohit Thakur
जन्मतिथि
11 फ़रवरी 2007
उम्र
19 वर्ष, 08 महीने, 20 दिन
जन्म स्थान
-
रोल
हरफनमौला
बल्लेबाजी स्टाइल
बाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइल
ऑफ़ स्पिन

Mohit Thakur की प्रोफाइल

Mohit Thakur का जन्म फ़रवरी 11, 2007 को हुआ। इस हरफनमौला खिलाड़ी ने अब तक Assam, Gauhati Town Club की ओर से क्रिकेट खेला है।

Mohit Thakur की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी000
गेंदबाजी000

Mohit Thakur के करियर आँकड़े

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M0000200
Inn0000200
NO0000000
Runs0000100
HS----1--
Avg00000.500
BF00002000
SR0000500
1000000000
500000000
6s0000000
4s0000000

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M0000200
Inn0000300
O000054.100
Mdns0000400
Balls000032500
Runs000021500
W0000800
Avg000026.8800
Econ00003.9700
SR000040.6300
5w0000100
4w0000000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches0000000
Stumps0000000
Run Outs0000000

टीमें

Frequently Asked Questions (FAQs)

Mohit Thakur ने अपना Domestic-Firstclass क्रिकेट डेब्यू किस टीम के खिलाफ किया था?

Punjab

Mohit Thakur ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कितने शतक लगाए हैं?

0 शतक

Mohit Thakur ने वनडे में कितने विकेट लिए हैं?

0

Mohit Thakur ने टी20 इंटरनेशनल में कितने विकेट लिए हैं?

0

न्यूज अपडेट्स

hardik pandya
SportsTak
Sat - 31 Oct 2026

HARDIK PANDYA की INJURY और VIRAT की FITNESS का राज, DOCTORS ने बताई बड़ी बातें

इस परिचर्चा में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने जोड़ों के दर्द, रनिंग तकनीकों, नी रिप्लेसमेंट सर्जरी और जरूरी सप्लीमेंट्स पर तथ्य साझा किए। विशेषज्ञों के अनुसार रनिंग शुरू करने से पहले वॉक और ब्रिस्क वॉक की आदत डालना और सही जूतों का चयन आवश्यक है। लंबे समय तक लगातार बैठने वाले प्रोफेशनल्स को बीच-बीच में वॉक और स्ट्रेचिंग करने का परामर्श दिया गया। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि जब सामान्य दैनिक कार्य करना बाधित हो और कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका हो, तभी नी रिप्लेसमेंट सर्जरी करानी चाहिए। शरीर में विटामिन डी, बी12 और कैल्शियम की कमी को संतुलित आहार और चिकित्सकीय आवश्यकता पड़ने पर सप्लीमेंट्स से पूरा करने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने प्रोटीन पाउडर के बजाय चना, सत्तू और सोयाबीन जैसे प्राकृतिक स्रोतों को प्राथमिकता देने की बात कही। इसके अतिरिक्त एथलीटों में ओवरयूज इंजरी, घुटनों के जेल इंजेक्शन व कोलेजन के सीमित प्रभावों और चोट लगने पर बर्फ से सिंकाई करने के नियमों पर मार्गदर्शन दिया गया।