मुस्लिम यार अशरफ़

Germany
गेंदबाज

मुस्लिम यार अशरफ़ के बारे में

नाम
मुस्लिम यार अशरफ़
जन्मतिथि
10 मई 1999
आयु
27 वर्ष, 01 महीने, 12 दिन
जन्म स्थान
-
रोल
गेंदबाज
बल्लेबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइल
धीमा बाएं हाथ का ऑर्थोडॉक्स

मुस्लिम यार अशरफ़ की प्रोफाइल

मुस्लिम यार अशरफ़ का जन्म May 10, 1999 को हुआ। इस गेंदबाज खिलाड़ी ने अब तक Germany, MSC Frankfurt की ओर से क्रिकेट खेला है।

मुस्लिम यार अशरफ़ की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी00792
गेंदबाजी00308

मुस्लिम यार अशरफ़ के करियर आँकड़े

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M00570000
Inn00570000
O0.000.00189.000.000.000.000.00
Mdns0050000
Balls0011390000
Runs0012410000
W00690000
Avg0.000.0017.000.000.000.000.00
Econ0.000.006.000.000.000.000.00
SR0.000.0016.000.000.000.000.00
5w0000000
4w0000000

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M00570000
Inn00290000
NO00100000
Runs003160000
HS00390000
Avg0.000.0016.000.000.000.000.00
BF002610000
SR0.000.00121.000.000.000.000.00
1000000000
500000000
6s00160000
4s00200000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches00220000
Stumps0000000
Run Outs0020000

मुस्लिम यार अशरफ़ का डेब्यू/आखिरी मैच

T20I MATCHES
डेब्यू
Germany vs Belgium on May 11, 2019
आखिरी
Germany vs Denmark on Jun 20, 2026

टीमें

Frequently Asked Questions (FAQs)

मुस्लिम यार अशरफ़ ने वनडे में कितनी बार पांच विकेट लिए हैं?

0 बार

मुस्लिम यार अशरफ़ ने टी20 इंटरनेशनल में कितने विकेट लिए हैं?

69 विकेट

मुस्लिम यार अशरफ़ के नाम आईपीएल में कितने विकेट हैं?

0

मुस्लिम यार अशरफ़ का जन्म कब हुआ?

10 मई 1999

न्यूज अपडेट्स

vaibhav
SportsTak
Mon - 22 Jun 2026

11 गेंदों में सबसे तेज फिफ्टी, दबाव से उबरकर युवा बल्लेबाज ने रचा नया इतिहास

त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में एक युवा भारतीय बल्लेबाज ने महज 29 गेंदों में 94 रनों की पारी खेली। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केवल 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक है। शुरुआती मैचों में कम रन बनाने के बाद, इस खिलाड़ी ने अपनी सफलता का श्रेय टीम के कोच को दिया है। कोच ने उन्हें बिना किसी दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलने और खुलकर बल्लेबाजी करने की सलाह दी थी। इस मार्गदर्शन के बाद फाइनल में उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई और प्लेयर ऑफ द मैच बने। आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के लिए भी इस युवा खिलाड़ी को टीम में शामिल किया गया है। शुरुआती संघर्ष और भारत-श्रीलंका मैच के विवाद के बावजूद फाइनल में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में परिपक्वता दिखाई। पहले दस ओवर में अपनी योजना को लागू करते हुए उन्होंने यह बड़ी पारी खेली।