शेम न्गोचे

Kenya
गेंदबाज

शेम न्गोचे के बारे में

नाम
शेम न्गोचे
जन्मतिथि
6 जून 1989
आयु
36 वर्ष, 09 महीने, 10 दिन
जन्म स्थान
Kenya
रोल
गेंदबाज
बल्लेबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइल
धीमा बाएं हाथ का ऑर्थोडॉक्स

शेम न्गोचे की प्रोफाइल

शेम न्गोचे का जन्म Jun 6, 1989 को हुआ। इस गेंदबाज खिलाड़ी ने अब तक Kenya, Kisumu Pythons, Homa Bay Eagles की ओर से क्रिकेट खेला है।

शेम न्गोचे की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी00544
गेंदबाजी00244

शेम न्गोचे के करियर आँकड़े

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M014104035143
Inn013101055043
O0.0094.00346.000.0067.00422.00141.00
Mdns0314019411
Balls0569208004072537846
Runs04312044015017241066
W012120096141
Avg0.0035.0017.000.0016.0028.0026.00
Econ0.004.005.000.002.004.007.00
SR0.0047.0017.000.0045.0041.0020.00
5w0000000
4w0030030

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M014104035143
Inn01265063917
NO032002106
Runs068569093435105
HS028410356622
Avg0.007.0012.000.0023.0015.009.00
BF01195190166583105
SR0.0057.00109.000.0056.0074.00100.00
1000000000
500000020
6s021802120
4s03460103212

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches003403159
Stumps0000000
Run Outs0040021

शेम न्गोचे का डेब्यू/आखिरी मैच

ODI MATCHES
डेब्यू
Kenya vs Netherlands on Feb 16, 2010
आखिरी
Kenya vs Scotland on Jan 30, 2014
T20I MATCHES
डेब्यू
Kenya vs Scotland on Feb 1, 2010
आखिरी
Kenya vs Nigeria on Jul 27, 2025

Frequently Asked Questions (FAQs)

शेम न्गोचे ने वनडे में कितनी बार पांच विकेट लिए हैं?

0 बार

शेम न्गोचे ने टी20 इंटरनेशनल में कितने विकेट लिए हैं?

120 विकेट

शेम न्गोचे के नाम आईपीएल में कितने विकेट हैं?

0

शेम न्गोचे का जन्म कब हुआ?

6 जून 1989

शेम न्गोचे ने वनडे डेब्यू कब किया था?

16 फ़रवरी 2010

न्यूज अपडेट्स

Rahul Dravid
SportsTak
Mon - 16 Mar 2026

'भारतीय फैंस के जुनून के बिना क्रिकेट इतना महान नहीं होता'

स्पोर्ट्स तक के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में BCCI अवार्ड प्राप्त करने वाले स्पीकर ने कहा कि यह सम्मान पाना बेहद गर्व की बात है। स्पीकर ने कहा कि इस अवार्ड के पहले के विजेता देश के महान खिलाड़ी रहे हैं जिन्हें उन्होंने हमेशा प्रेरणा माना है। उन्होंने अपने करियर के बारे में बताया कि उन्होंने अंडर-15 क्रिकेट से शुरुआत की, कर्नाटक के लिए रणजी ट्रॉफी खेली, और सोलह साल तक भारत के लिए खेला। रिटायरमेंट के चौदह साल बाद भी वह कोचिंग और जूनियर टीमों के साथ जुड़े हुए हैं। स्पीकर ने कहा कि BCCI ने पूरे देश में बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और कोचिंग के जरिए प्रतिभाओं को विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय फैन्स का जुनून ही क्रिकेट को इतना महान बनाता है। स्पीकर ने जय शाह और उनकी टीम की भी सराहना की।

Mithali Raj
SportsTak
Mon - 16 Mar 2026

'Jay sir की वजह से पिछले 4-5 सालों में भारतीय महिला क्रिकेट में बड़ा बदलाव आया'

एक पूर्व महिला क्रिकेटर ने स्पोर्ट्स तक के साथ बातचीत में भारतीय महिला क्रिकेट के विकास और BCCI की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच सालों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बहुत बड़ा बदलाव आया है और इसका श्रेय Jay sir को जाता है, जिनकी दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता ने न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर महिला क्रिकेट को बढ़ावा दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने राहुल और सचिन से प्रेरणा ली, जिनसे NCA और COE में मिलने पर बैटिंग और खेल के बारे में सलाह मिली जो उनके करियर में काम आई। उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला क्रिकेटरों के बीच यह संवाद महिला खिलाड़ियों के लिए बहुत मददगार रहा है। उन्होंने BCCI के नमन अवार्ड्स की सराहना करते हुए कहा कि यह खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदर्शन को पहचानने का शानदार तरीका है।

Former India cricketer Roger Binny
SportsTak
Mon - 16 Mar 2026

'1983 से 87 तक हमने हर वनडे प्रतियोगिता जीती, वो मेरे लिए बड़ा समय था'

स्पोर्ट्स तक के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने बीसीसीआई लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिलने पर गर्व जताया। स्पीकर ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश में भारत के लिए खेलना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य था। उन्होंने बताया कि 1983 में वर्ल्ड कप और वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट जीतना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियां रहीं। स्पीकर ने कहा, '1983 से 86-87 तक हमने हर एक वनडे प्रतियोगिता जीती, वो मेरे लिए बड़ा समय था।' क्रिकेट खत्म करने के बाद उन्होंने कर्नाटक और भारतीय अंडर-19 व अंडर-21 टीमों को कोचिंग दी। 1999 में उन्होंने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन में प्रशासनिक भूमिका शुरू की और बाद में केएससीए के अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने बीसीसीआई का नेतृत्व भी किया। उन्होंने अपने परिवार को अपनी ताकत बताया और कहा कि माता-पिता ने हमेशा प्रोत्साहित किया।