चार मैच, 180 रन और एक विकेट, भुवनेश्वर कुमार को न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ टी20 सीरीज ख‍िलाकर क्या सेलेक्टर्स ने गलती कर दी?

किरण सिंह

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भुवनेश्वर कुमार को न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ टी20 सीरीज में सिर्फ एक ही सफलता मिली. (PC: Getty)
भुवनेश्वर कुमार को न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ टी20 सीरीज में सिर्फ एक ही सफलता मिली. (PC: Getty)

Story Highlights:

भुवनेश्वर कुमार न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ टी20 सीरीज में सिर्फ एक ही विकेट ले पाए.

भुवी की चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी हुई थी.

भुवनेश्वर कुमार ने न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ टी20 सीरीज से करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद टीम इंडिया में वापसी की थी. जब उनका करियर खत्म होता द‍िख रहा था तो ऐसे समय में सेलेक्टर्स ने उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुनकर उनके करियर में एक नई जान भर दी, मगर भुवी अपनी कमबैक सीरीज में पूरी जी जान शायद नहीं लगा पाए. हर किसी को उनसे काफी उम्मीद थी, चार साल बाद स्विंग के जादूगर को फिर से मैदान पर अपनी जादूगरी द‍िखाते देखने का हर किसी को इंतजार था, मगर जब वो मैदान पर उतरे तो उनमें पुरानी वाली धार नजर नहीं आई और पूरी सीरीज में वह बेअसर नजर आए, जिसके बाद अब तो उनके सेलेक्शन पर भी सवाल खड़े होने लगे. न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ पांच टी20 मैचों की सीरीज में भुवी को चार मैच खेलने को मिले, जिसमें वो फ्लॉप रहे. चार मैचों में उन्होंने कुल 180 रन लुटाए और उन्हें सिर्फ एक सफलता मिली.  


न्यूजीलैंड सीरीज में भुवनेश्वर का प्रदर्शन

  • पहले T20I में भुवनेश्वर की वापसी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. चार साल बाद अपना पहला T20I खेल रहे भुवनेश्वर को कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने अपने चार ओवरों में 12.25 की इकॉनमी रेट से 49 रन दिए. 
  • दूसरे T20I में उन्होंने सीरीज का अपना इकलौता विकेट लिया, जिसमें उन्होंने डेरिल मिचेल को आउट किया. हालांकि इस मैच में भी उन्होंने अपने चार ओवरों में 50 रन लुटा दिए. 
  • तीसरे मैच में भी अनुभवी तेज गेंदबाज को कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने 40 रन दिए. वे चौथे T20I में नहीं खेले, लेकिन सीरीज के आखिरी मैच में वापसी की. 
  • आखिरी मैच में भी भुवनेश्वर कोई खास प्रभाव नहीं डाल सके. उन्होंने चार ओवर गेंदबाजी की, जिसमें बिना कोई विकेट लिए 41 रन दिए. 

पठान का मानना ​​है कि भुवनेश्वर के चयन की वजह से युवा तेज गेंदबाज एक अहम इंटरनेशनल अनुभव हासिल करने से चूक गए. अगर भुवी की जगह कोई युवा खिलाड़ी खेलता और उसे एक बेहतरीन अनुभव मिल सकता था. पठान का कहना है कि चयनकर्ताओं को युवा तेज गेंदबाज़ों को मौके देने पर ध्यान देना चाहिए, खासकर उन पिचों पर जहां गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है. उनका कहना है कि सवाल निश्चित रूप से समय का है. यह किसी युवा तेज गेंदबाज़ के लिए एक बेहतर मौक़ा हो सकता था. उन्होंने समझाया, कि यह समझना होगा कि अगर आप तेज गेंदबाज तैयार करना चाहते हैं, तो उन्हें मौके देना और ऐसी पिचों पर खिलाना बहुत जरूरी है जहां गलती की गुंजाइश बहुत कम हो. 

चार साल बाद सेलेक्टर्स को कैसे आई भुवी की याद

दरअसल जसप्रीत बुमराह को न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ टी20 सीरीज और वनडे सीरीज से आराम द‍िया गया. ऐसे में अहम दौरे के लिए मैनेजमेंट को किसी अनुभवी तेज गेंदबाज की जरूरत थी.  ऐसे में सेलेक्टर्स को भुवी की याद आ गई और उन्हें चार साल बाद टीम में शामिल किया. 

कैसा रहा भुवी का इंटरनेशनल करियर 


भुवनेश्वर के इंटरनेशनल करियर की बात करें तो उन्होंने साल 2012 में पाकिस्तान के ख‍िलाफ टी20 मैच से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. इसके बाद वह टीम का अहम हिस्सा बन गए. हालांकि उनके करियर में कई बार ऐसा समय भी आया कि वह टीम से अंदर-बाहर होते रहे, मगर 2022 के बाद से उन्हें पूरी तरह से टीम से बाहर कर द‍िया गया था. हालांकि टीम से बाहर रहने के बाद उन्होंने आईपीएल में कमाल का प्रदर्शन किया.