250..., वो लक्ष्य जिसे भारतीय टीम रांची में नहीं बचा पाई और वेस्ट इंडीज ने पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी. 224..., ये वो लक्ष्य है, जिसे भारत ने इंदौर में बचा लिया और सीरीज में 2-1 से बढ़त बनाई. जहां दो दिन पहले भारतीय गेंदबाज 250 रन के बड़े लक्ष्य को नहीं बचा पाए और वेस्ट इंडीज ने 18.3 ओवर में ही चार विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया. वहीं इंदौर में कहानी कुछ अलग रही और भारतीय गेंदबाज 223 रन के स्कोर को बचाने में कामयाब रहे. 224 रन के लक्ष्य के जवाब में कैरेबियाई टीम 20 ओवर में सात विकेट पर 209 रन ही बना पाई और 14 रन से मुकाबला गंवा दिया. हालांकि एक समय यह हाईवोल्टेज मुकाबला भी विंडीज के खाते में जाता दिख रहा था, मगर इस बार भारतीय अटैक ने वो गलती नहीं की, जो रांची में की थी और गेंदबाजों ने आखिर में मैच का रुख पलट दिया. वेस्ट इंडीज की रफ्तार को धीमा कर और आखिरी पलों में गलती ना करके मुकाबला भारत की झोली में डाल दिया.
भारतीय गेंदबाजों ने कैसे पलटा पासा
इस विकेट ने धीर के छोटे से T20 करियर में एक अजीब सिलसिले को और आगे बढ़ाया. उन्होंने जितने भी विकेट लिए, वे सभी तब मिले जब बल्लेबाज ने उनकी गेंद पर छक्का मारा. इस मुकाबले से दो दिन पहले रांची में बुरी तरह हारने के बाद धीर ने अक्षर पटेल के साथ मिलकर और अर्शदीप सिंह के 3/44 के शानदार प्रदर्शन की मदद से भारत को 14 रनों से जीत दिलाई. 224 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अर्शदीप ने भारत की गेंदबाज़ी की शुरुआत मजबूती से की. शे होप लक्ष्य का पीछा करने में अहम भूमिका निभा रहे थे, लेकिन बाएं हाथ के इस गेंदबाज ने 'ओवर द विकेट' से 'अराउंड द विकेट' का रुख किया और कप्तान एक गेंद को चूक गए, जो सीधे उनके स्टंप्स से जा टकराई. अक्षर ने अपनी गेंद की गति और लेंथ में बदलाव किया. उन्होंने कभी मिडिल स्टंप पर हवा में तैरती हुई गेंद डाली, तो कभी ऑफ-स्टंप के बाहर धीमी गेंद और कभी 101.8 kmph की रफ़्तार से तेज़ गेंद फेंकी. इन बदलावों की वजह से बल्लेबाज़ आसानी से गेंद को लाइन में नहीं खेल पाए. जब ज़रूरी रन रेट बढ़ा, तो पॉवेल क्रीज़ से बाहर निकलकर खेले, लेकिन उनका हवा में खेला गया शॉट डीप पॉइंट पर ही जा सका.
इंदौर में सफल रहे भारतीय गेंदबाज
होप और हेटमायर के आउट होने के बाद भारत को शेरफेन रदरफ़ोर्ड का भी सामना करना था, जिनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी तेज़ी से मैच का पासा पलट सकती थी. उन्होंने वेस्ट इंडीज़ को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन 18वें ओवर में अर्शदीप की ज़बरदस्त यॉर्कर ने 32 रन पर उनकी पारी खत्म कर दी और मेहमान टीम की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया. बेहतर बॉलिंग इसलिए अहम थी क्योंकि भारत को अभिषेक शर्मा की 30 गेंदों में धमाकेदार 69 रनों की पारी के दम पर बने स्कोर का बचाव करना था, मगर इंदौर में भारतीय गेंदबाज ऐसा करने में सफल रहे. भारतीय गेंदबाजों ने गेंद ही नहीं, बल्ले से भी योगदान दिया और उनके उसी रनों ने जीत- हार में बड़ा अंतर पैदा कर दिया. भारत ने 14 रन से जीत दर्ज की और भारतीय गेंदबाजों की बैटिंग की बात करें तो 202 रन के स्कोर पर आठ विकेट गंवाने के बाद अर्शदीप सिंह ने 8 गेंदों पर 11 रन और प्रिंस यादव ने 6 गेंदों पर नॉटआउट 13 रन बनाकर भारत के स्कोर को वहां तक पहुंचाया, जिससे कैरेबियाई टीम थोड़ा पीछे रह गई.
भारत और वेस्ट इंडीज टी20 सीरीज का रिजल्ट
पहला टी20: भारत ने आठ विकेट से लखनऊ में पहला मैच जीता. वेस्ट अंडीज के दिए 172 रन के लक्ष्य को भारत ने 14.4 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर हासिल किया.
सीरीज का चौथा मुकाबला 14 अक्टूबर को हैदराबाद में और 5वां मैच 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में खेला जाएगा. दोनों ही वेन्यू पर हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है. यानी अगले दोनों मैच भी काफी रोमांचक होने वाले हैं. दोनों टीमों के बीच सीरीज जीतने के लिए कांटें की टक्कर चल रही है. भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर भी कह चुके हैं कि वेस्ट इंडीज की टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि उनकी टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का पासा पलट सकते हैं और कोई भी खिलाड़ी मैच जिता सकता है. भारतीय कप्तान का कहना है कि पूरे मुकाबले के दौरान टीम को पॉजिटिव रहने की जरूरत है.




