रोहित सिंह

Germany
बल्लेबाज

रोहित सिंह के बारे में

नाम
रोहित सिंह
जन्मतिथि
6 जनवरी 1994
आयु
32 वर्ष, 05 महीने, 16 दिन
जन्म स्थान
-
रोल
बल्लेबाज
बल्लेबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का तेज-मध्यम गेंदबाज

रोहित सिंह की प्रोफाइल

रोहित सिंह बल्लेबाज हैं। Jan 6, 1994 को जन्मे रोहित सिंह अब तक Germany, BSV Britannia 1892 जैसी टीमों के साथ खेल चुके हैं।

रोहित सिंह की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी00370
गेंदबाजी001276

रोहित सिंह के करियर आँकड़े

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M00510000
Inn00460000
NO0090000
Runs0010740000
HS00830000
Avg0.000.0029.000.000.000.000.00
BF007940000
SR0.000.00135.000.000.000.000.00
1000000000
500060000
6s00320000
4s001030000

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M00510000
Inn0030000
O0.000.004.000.000.000.000.00
Mdns0000000
Balls00240000
Runs00440000
W0010000
Avg0.000.0044.000.000.000.000.00
Econ0.000.0011.000.000.000.000.00
SR0.000.0024.000.000.000.000.00
5w0000000
4w0000000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches00200000
Stumps0000000
Run Outs0020000

रोहित सिंह का डेब्यू/आखिरी मैच

T20I MATCHES
डेब्यू
Germany vs Belgium on May 11, 2019
आखिरी
Germany vs Denmark on Jun 20, 2026

Frequently Asked Questions (FAQs)

रोहित सिंह ने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू कब किया था

11 मई 2019

रोहित सिंह ने अभी तक वनडे में कितने शतक लगाए हैं?

0 शतक

रोहित सिंह का वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर कितना है?

0 रन

न्यूज अपडेट्स

vaibhav
SportsTak
Mon - 22 Jun 2026

11 गेंदों में सबसे तेज फिफ्टी, दबाव से उबरकर युवा बल्लेबाज ने रचा नया इतिहास

त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में एक युवा भारतीय बल्लेबाज ने महज 29 गेंदों में 94 रनों की पारी खेली। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केवल 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक है। शुरुआती मैचों में कम रन बनाने के बाद, इस खिलाड़ी ने अपनी सफलता का श्रेय टीम के कोच को दिया है। कोच ने उन्हें बिना किसी दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलने और खुलकर बल्लेबाजी करने की सलाह दी थी। इस मार्गदर्शन के बाद फाइनल में उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई और प्लेयर ऑफ द मैच बने। आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के लिए भी इस युवा खिलाड़ी को टीम में शामिल किया गया है। शुरुआती संघर्ष और भारत-श्रीलंका मैच के विवाद के बावजूद फाइनल में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में परिपक्वता दिखाई। पहले दस ओवर में अपनी योजना को लागू करते हुए उन्होंने यह बड़ी पारी खेली।