बीसीसीआई ने बीते दिन इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया. विराट कोहली को फिटनेस क्लीयरेंस की शर्त में स्क्वॉड में शामिल किया गया है, जबकि हार्दिक पंड्या को कुछ दिन पहले ट्रेनिंग शुरू करने के बावजूद भी स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया. जिसकी वजह को लेकर अब नया खुलासा हुआ है. कपिल देव के बाद भारत के सबसे बेहतरीन सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर माने जाने वाले पंड्या आज वनडे और T20I दोनों ही फॉर्मेट की योजनाओं से बाहर नजर आ रहे हैं.
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हैं पंड्या
इसके कई मतलब निकाले जा सकते हैं, लेकिन क्रिकबज के अनुसार पंड्या बेंगलुरु में BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं. IPL के बाद थोड़ा ब्रेक लेने के बाद वह 2 जून को CoE पहुंचे थे और तब से वहीं हैं. वहां वह 'परफॉर्मेंस ब्लॉक प्रोग्राम' के तहत ट्रेनिंग कर रहे हैं, जिसे उन्होंने खुद करने का फैसला किया है.
हल्की ट्रेनिंग शुरू
शुरुआत में पंड्या को पीठ में ऐंठन की समस्या थी, लेकिन हाल में उन्हें जांघ की मांसपेशियों (क्वाड्रिसेप्स) में खिंचाव की समस्या हुई है, जिससे उनकी पूरी तरह फिट होकर वापसी में देरी हुई है. सोर्स का कहना है कि 9 जून को पंड्या को पैर में हल्का दर्द या तकलीफ महसूस हुई. एहतियात के तौर पर उन्होंने खुद ही पैर का स्कैन करवाया. स्कैन मुंबई में डॉ. दिनशॉ पारदीवाला को भेजे गए, जिन्होंने उन्हें 4-5 दिन आराम करने और उसके बाद पूरी तरह फिट होने के लिए तीन हफ़्ते के ट्रेनिंग प्रोग्राम की सलाह दी. उन्होंने 16 जून से हल्की ट्रेनिंग शुरू कर दी.
चयनकर्ताओं को भरोसा नहीं
माना जा रहा है कि पंड्या ने हाल में अपनी ट्रेनिंग की तेजी बढ़ाई है और उम्मीद है कि जुलाई के पहले सप्ताह तक वे पूरी तरह फिट हो जाएंगे. इंग्लैंड के ख़िलाफ पहला वनडे 14 जुलाई को खेला जाना है, इसलिए में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या चयनकर्ता उन्हें फिटनेस की शर्त पर टीम में शामिल करने पर विचार कर सकते थे. वही पैमाना जिसके आधार पर विराट कोहली को शामिल किया गया था. रिपोर्ट के अनुसार पंड्या को इसलिए स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया, क्योंकि चयनकर्ता इस बात को लेकर पक्का नहीं हैं कि वह 10 ओवर गेंदबाज़ी करने की स्थिति में होंगे या नहीं और इसी वजह से पंड्या को नजरअंदाज किया गया.


