Huwaid Ronga

Batter

Huwaid Ronga के बारे में

नाम
Huwaid Ronga
जन्मतिथि
4 अक्टूबर 1979
आयु
46 वर्ष, 06 महीने, 20 दिन
जन्म स्थान
India
रोल
Batter
बल्लेबाजी स्टाइल
Right Handed
गेंदबाजी स्टाइल
Leg break

Huwaid Ronga की प्रोफाइल

Huwaid Ronga batter हैं। Oct 4, 1979 को जन्मे Huwaid Ronga अब तक Jammu and Kashmir जैसी टीमों के साथ खेल चुके हैं।

Huwaid Ronga की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी000
गेंदबाजी000

Huwaid Ronga के करियर आँकड़े

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M0000773
Inn00001373
NO0000010
Runs0000208675
HS000041212
Avg0.000.000.000.0016.0011.001.00
BF000068712614
SR0.000.000.000.0030.0053.0035.00
1000000000
500000000
6s0000200
4s00002070

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M0000000
Inn0000000
O0.000.000.000.000.000.000.00
Mdns0000000
Balls0000000
Runs0000000
W0000000
Avg0.000.000.000.000.000.000.00
Econ0.000.000.000.000.000.000.00
SR0.000.000.000.000.000.000.00
5w0000000
4w0000000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches0000101
Stumps0000000
Run Outs0000000

टीमें

Frequently Asked Questions (FAQs)

Huwaid Ronga ने अपना Domestic-Firstclass क्रिकेट डेब्यू किस टीम के खिलाफ किया था?

Kerala

Huwaid Ronga ने अभी तक वनडे में कितने शतक लगाए हैं?

0 शतक

Huwaid Ronga का वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर कितना है?

0 रन

न्यूज अपडेट्स

shardul
SportsTak
Fri - 24 Apr 2026

MI vs CSK: क्या शार्दुल ठाकुर को गलत तरीके से कन्कशन सब्सटीट्यूट बनाया गया

चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए मुकाबले में चेन्नई ने जीत दर्ज की, लेकिन मैच में कनकशन सब्स्टीट्यूट नियम के इस्तेमाल पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मैच के दौरान एक कैच पकड़ते समय एक खिलाड़ी के कंधे में चोट लग गई थी। इसके बावजूद उन्हें कनकशन सब्स्टीट्यूट नियम के तहत बाहर कर उनकी जगह एक अन्य खिलाड़ी को मैदान पर उतारा गया। आईपीएल के नियमों के अनुसार कनकशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल केवल सिर या गर्दन की चोट के लिए किया जा सकता है। टीम के मुख्य कोच ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ी को पहले सिर और गर्दन पर चोट लगी थी और स्कैन के बाद उन्हें चक्कर आ रहे थे। कोच के अनुसार यह पूरी तरह से मैच रेफरी और अंपायर का फैसला था। हालांकि, एक स्पिनर की जगह तेज गेंदबाज को भेजने और कंधे की चोट के बावजूद इस नियम के इस्तेमाल को लेकर अंपायर के फैसले पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस मैच में चेन्नई ने 207 रन बनाकर जीत हासिल की।