J Hansen

Batter

J Hansen के बारे में

नाम
J Hansen
जन्मतिथि
1 दिसम्बर 1980
आयु
45 वर्ष, 04 महीने, 23 दिन
जन्म स्थान
Denmark
रोल
Batter
बल्लेबाजी स्टाइल
Right Handed
गेंदबाजी स्टाइल
-

J Hansen की प्रोफाइल

J Hansen batter हैं। Dec 1, 1980 को जन्मे J Hansen अब तक Denmark Under-19 जैसी टीमों के साथ खेल चुके हैं।

J Hansen की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी000
गेंदबाजी000

J Hansen के करियर आँकड़े

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M0000050
Inn0000040
NO0000000
Runs00000340
HS00000170
Avg0.000.000.000.000.008.000.00
BF00000550
SR0.000.000.000.000.0061.000.00
1000000000
500000000
6s0000000
4s0000030

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M0000000
Inn0000000
O0.000.000.000.000.000.000.00
Mdns0000000
Balls0000000
Runs0000000
W0000000
Avg0.000.000.000.000.000.000.00
Econ0.000.000.000.000.000.000.00
SR0.000.000.000.000.000.000.00
5w0000000
4w0000000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches0000010
Stumps0000000
Run Outs0000010

टीमें

Frequently Asked Questions (FAQs)

J Hansen ने अभी तक वनडे में कितने शतक लगाए हैं?

0 शतक

J Hansen का वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर कितना है?

0 रन

न्यूज अपडेट्स

hardik pandya and rishabh pant
SportsTak
Fri - 24 Apr 2026

क्या IPL में Hardik Pandya और Rishabh Pant को कप्तानी छोड़ देनी चाहिए?

Sports Tak के इस वीडियो में IPL के आगामी सीजनों में कप्तानी को लेकर चर्चा की गई है। पैनल में इस बात पर बहस हुई कि क्या 2027 के IPL में Hardik Pandya Mumbai Indians के कप्तान बने रहेंगे या नहीं। इसके साथ ही Rishabh Pant, Ruturaj Gaikwad, Shreyas Iyer और Riyan Parag की कप्तानी के भविष्य पर भी बात की गई। चर्चा के दौरान यह सुझाव दिया गया कि Rishabh Pant को अपनी फॉर्म और टीम के प्रदर्शन को देखते हुए खुद ही कप्तानी छोड़ देनी चाहिए। इस संदर्भ में Gautam Gambhir का उदाहरण दिया गया, जिन्होंने 2018 में Delhi Capitals की लगातार हार के बाद बीच सीजन में कप्तानी छोड़ दी थी और अपना दो करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट भी वापस कर दिया था। इसके अलावा Sachin Tendulkar और Rahul Dravid का भी जिक्र किया गया, जिन्होंने अपने करियर के चरम पर कप्तानी छोड़ दी थी ताकि उनके खेल पर असर न पड़े।