हिंदी में एक कहावत है कि सौ सुनार की और एक लोहार की. यूरोप की सर्वोच्च फुटबॉल लीग (UEFA Champions League) के फाइनल मुकाबले में रीयल मैड्रिड (Real Madrid vs Liverpool) के उपर ये बिल्कुल फिट बैठती है. पेरिस (Paris) के स्टेड डी फ़्रांस स्टेडियम में खेले जाने वाले खिताबी मुकाबले में करीब 80 हजार से अधिक फैंस के बीच रीयल मैड्रिड ने लिवरपूल के गोल पोस्ट में पूरे मैच के दौरान सिर्फ तीन बार हमला करने का प्रयास किया. जिसमें एक बार सफलता अर्जित करते हुए 21 साल के विंसीयस जूनियर ने विजयी गोल दागा और लिवरपूल को 1-0 से मात देते हुए 14वीं बार चैंपियंस लीग की ट्रॉफी को मैड्रिड के नाम करा डाला. इसके विपरीत लिवरपूल के खिलाड़ियों ने गोल करने का भरसक प्रयास किया और कुल 24 बार मैड्रिड के खेमे में गोल करने का प्रयास किया. मगर मैड्रिड के मजबूत डिफेंस के आगे उनकी एक भी न चली और इंग्लैंड के क्लब का 7वीं बार खिताब जीतने का सपना चकना चूर हो गया. वहीं चैंपियंस लीग के इतिहास की बात करें तो अब तक इन दोनों टीमों के बीच कुल तीन बार फाइनल मुकाबला खेला जा चुका है. जिसमें अब 2-1 से मैड्रिड ने बढ़त हासिल कर ली है
पहले हाफ का खेल
पेरिस के स्टेड डी फ़्रांस स्टेडियम में खेले गए महामुकाबले के पहले हाफ में रीयल मैड्रिड और लिवरपूल के खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया. मगर इसी बीच मैड्रिड ने मैच के 43वें मिनट में शानदार गोल दागा. मगर करीम बेंजेमा वार के चलते ऑफ साइड पाए गए और मैड्रिड को गोल देने के बाद छीन लिया गया. इस तरह पहला हाफ गोल रहित रहा और लिवरपूल ने गोल दागने के कई प्रयास किए मगर वह मैड्रिड के डिफेंस को भेद नहीं सका.
आधे घंटे देरी से शुरू हुआ मैच
वहीं इस कांटे के मुकाबले को देखने के लिए इंग्लैंड और स्पेन से लिवरपूल व रीयल मैड्रिड के फैंस का पेरिस के स्टेडियम के बाहर भयानक जमावड़ा लगा हुआ था. जिसके चलते फैंस को स्टेडियम के अंदर जाने के लिए काफी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा. इतना ही नहीं कई फैंस ने हंगामा भी काटा. जिसके चलते यूएफा ने भीड़ की नियंत्रित करने के लिए मैच को आधे घंटे की देरी से शुरू कराया.




