अंशुल कंबोज

India
हरफनमौला

अंशुल कंबोज के बारे में

नाम
अंशुल कंबोज
जन्मतिथि
6 दिसम्बर 2000
आयु
25 वर्ष, 03 महीने, 10 दिन
जन्म स्थान
India
रोल
हरफनमौला
बल्लेबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का मध्यम गेंदबाज

अंशुल कंबोज की प्रोफाइल

अंशुल कंबोज का जन्म Dec 6, 2000 को हुआ। इस हरफनमौला खिलाड़ी ने अब तक India, India A, North Zone, Rest of India, Chennai Super Kings, Mumbai Indians, India Under-19, Haryana, India C की ओर से क्रिकेट खेला है।

अंशुल कंबोज की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी25800
गेंदबाजी16000

अंशुल कंबोज के करियर आँकड़े

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M10011323241
Inn1006481323
NO00047316
Runs000165928295
HS0005511917
Avg0.000.000.008.0014.008.0013.00
BF300148227876
SR0.000.000.00114.0072.00105.00125.00
1000000000
500000100
6s00002953
4s00026778

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M10011323241
Inn10011563241
O18.000.000.0031.00791.00259.00129.00
Mdns1000150282
Balls1080018947501554777
Runs8900286239311491060
W100101035455
Avg89.000.000.0028.0023.0021.0019.00
Econ4.000.000.009.003.004.008.00
SR108.000.000.0018.0046.0028.0014.00
5w0000200
4w0000541

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches0004111114
Stumps0000000
Run Outs0000001

अंशुल कंबोज का डेब्यू/आखिरी मैच

TEST MATCHES
डेब्यू
India vs England on Jul 23, 2025
आखिरी
India vs England on Jul 23, 2025

Frequently Asked Questions (FAQs)

अंशुल कंबोज ने अपना Domestic-Firstclass क्रिकेट डेब्यू किस टीम के खिलाफ किया था?

Tripura

अंशुल कंबोज ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कितने शतक लगाए हैं?

0 शतक

अंशुल कंबोज ने इंटरनेशनल क्रिकेट में किस फॉर्मेट में सबसे पहले डेब्यू किया?

टेस्ट फॉर्मेट

अंशुल कंबोज ने वनडे में कितने विकेट लिए हैं?

0

अंशुल कंबोज ने टी20 इंटरनेशनल कितने विकेट लिए हैं?

0

अंशुल कंबोज ने आईपीएल में अपना डेब्यू किस टीम के खिलाफ किया था?

Sunrisers Hyderabad

न्यूज अपडेट्स

Rahul Dravid
SportsTak
Mon - 16 Mar 2026

'भारतीय फैंस के जुनून के बिना क्रिकेट इतना महान नहीं होता'

स्पोर्ट्स तक के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में BCCI अवार्ड प्राप्त करने वाले स्पीकर ने कहा कि यह सम्मान पाना बेहद गर्व की बात है। स्पीकर ने कहा कि इस अवार्ड के पहले के विजेता देश के महान खिलाड़ी रहे हैं जिन्हें उन्होंने हमेशा प्रेरणा माना है। उन्होंने अपने करियर के बारे में बताया कि उन्होंने अंडर-15 क्रिकेट से शुरुआत की, कर्नाटक के लिए रणजी ट्रॉफी खेली, और सोलह साल तक भारत के लिए खेला। रिटायरमेंट के चौदह साल बाद भी वह कोचिंग और जूनियर टीमों के साथ जुड़े हुए हैं। स्पीकर ने कहा कि BCCI ने पूरे देश में बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और कोचिंग के जरिए प्रतिभाओं को विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय फैन्स का जुनून ही क्रिकेट को इतना महान बनाता है। स्पीकर ने जय शाह और उनकी टीम की भी सराहना की।

Mithali Raj
SportsTak
Mon - 16 Mar 2026

'Jay sir की वजह से पिछले 4-5 सालों में भारतीय महिला क्रिकेट में बड़ा बदलाव आया'

एक पूर्व महिला क्रिकेटर ने स्पोर्ट्स तक के साथ बातचीत में भारतीय महिला क्रिकेट के विकास और BCCI की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच सालों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बहुत बड़ा बदलाव आया है और इसका श्रेय Jay sir को जाता है, जिनकी दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता ने न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर महिला क्रिकेट को बढ़ावा दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने राहुल और सचिन से प्रेरणा ली, जिनसे NCA और COE में मिलने पर बैटिंग और खेल के बारे में सलाह मिली जो उनके करियर में काम आई। उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला क्रिकेटरों के बीच यह संवाद महिला खिलाड़ियों के लिए बहुत मददगार रहा है। उन्होंने BCCI के नमन अवार्ड्स की सराहना करते हुए कहा कि यह खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदर्शन को पहचानने का शानदार तरीका है।

Former India cricketer Roger Binny
SportsTak
Mon - 16 Mar 2026

'1983 से 87 तक हमने हर वनडे प्रतियोगिता जीती, वो मेरे लिए बड़ा समय था'

स्पोर्ट्स तक के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने बीसीसीआई लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिलने पर गर्व जताया। स्पीकर ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश में भारत के लिए खेलना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य था। उन्होंने बताया कि 1983 में वर्ल्ड कप और वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट जीतना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियां रहीं। स्पीकर ने कहा, '1983 से 86-87 तक हमने हर एक वनडे प्रतियोगिता जीती, वो मेरे लिए बड़ा समय था।' क्रिकेट खत्म करने के बाद उन्होंने कर्नाटक और भारतीय अंडर-19 व अंडर-21 टीमों को कोचिंग दी। 1999 में उन्होंने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन में प्रशासनिक भूमिका शुरू की और बाद में केएससीए के अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने बीसीसीआई का नेतृत्व भी किया। उन्होंने अपने परिवार को अपनी ताकत बताया और कहा कि माता-पिता ने हमेशा प्रोत्साहित किया।