Asian games 2026: 48 साल और 12 एश‍ियाड, आख‍िर क्यों महिला रिकर्व टीम का गोल्ड भारत के खेल इतिहास की सबसे बड़ी जीत है?

Asian games 2026: अंकिता भकत, कीर्ति एवं कुमकुम की तिकड़ी का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. इस तिकड़ी ने एश‍ियन गेम्स 2026 में भारत को महिला रिकर्व टीम का गोल्ड द‍िलाया.

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किरण सिंह

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गोल्ड जीतने वाली भारत की रिकर्व महिला टीम (PC: Getty)

Story Highlights:

भारतीय रिकर्व टीम ने पहली बार गोल्ड मेडल जीता.

फाइनल में भारत ने साउथ कोर‍िया को हराया.

भारत की महिला रिकर्व टीम ने शुक्रवार को वो कर द‍िखाया, जिसका इंतजार सालों से पूरा देश कर रहा था. अंकिता भकत, कीर्ति एवं कुमकुम की तिकड़ी का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. इस तिकड़ी ने एश‍ियन गेम्स 2026 में भारत को महिला रिकर्व टीम का गोल्ड द‍िलाया. उनकी यह जीत सबसे बड़ी और खास है, क्योंकि भारत को महिला रिकर्व टीम इवेंट में इस जीत के लिए 48 साल और 12 एश‍ियाड का इंतजार करना पड़ा. इस ऐतिहासिक गोल्ड के लिए भारत की महिला टीम ने 10 बार की ओल‍िंप‍िक विनर साउथ कोरिया का वर्चस्व खत्म किया. एश‍ियन गेम्स के इतिहास में भारत ने महिला टीम रिकर्व तीरंदाजी में अपनी बार गोल्ड मेडल जीता. 

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शुक्रवार सुबह एक रोमांचक फाइनल में भारत ने ख़िताब की प्रबल दावेदार साउथ कोरिया को 5-3 से हराया.फाइनल में कुमकुम मोहोद स्टार रहीं.17 साल की कुमकुम ने तब-तब अहम '10' स्कोर किए,जब भारत को उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, जिसमें वह निर्णायक शॉट भी शामिल था,जिससे गोल्ड मेडल पक्का हुआ.

क्यों हैं यह भारत की सबसे बड़ी जीत 

 आर्चरी में हमेशा से ही साउथ कोरिया का दबदबा रहा है. 1978 में आर्चरी एश‍ियन गेम्स में शामिल हुई थी और तब से अब तक साउथ कोर‍िया के नाम आर्चरी में 46 गोल्ड, 29 सिल्वर और 19 ब्रॉन्ज समेत कुल 94 मेडल है. 2014 इंचियोन से पहले तक एश‍ियन गेम्स में सिर्फ रिकर्व आर्चरी ही थी. 2014 में कंपाउंड आर्चरी भी एश‍ियन गेम्स का हिस्सा बनी. भारत के नाम एश‍ियन गेम्स में आर्चरी में 9 गोल्ड, 6 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज समेत कुल 22 मेडल है. यानी साउथ कोर‍िया और भारत के बीच दबदबे और मेडल का अंतर काफी बढ़ा है. 1978 बैंकॉक एश‍ियाड से अभी 2022 हांगझोऊ यानी कुल 12 एश‍ियाड में कुल 10 बार साउथ कोरिया आर्चरी में बेस्ट देश है और इन 12 एश‍ियाड में भारतीय महिला रिकर्व टीम एक बार भी ब्रॉन्ज तक नहीं पहुंची थी, मगर 2026 में भारतीय टीम ने साउथ कोर‍िया को धूल चटाकर इस सिलसिले को तोड़ते हुए सीधे गोल्ड पर न‍िशाना साध द‍िया. 


भारत और साउथ कोर‍िया में बीच फाइनल का हाल 

तेज़ हवा के बीच खेले गए मैच में पहले दो सेट बराबरी पर छूटे थे.दोनों टीमों ने 54 और 56 पॉइंट हासिल किए और पॉइंट आपस में बांट लिए.इसके बाद मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन कोरियाई टीम तीसरे सेट में लड़खड़ा गई.उन्होंने लगातार तीन बार 8 पॉइंट का स्कोर किया, जिससे उनका कुल स्कोर 52 रहा, जबकि भारतीय तीरंदाजों ने 55 पॉइंट बनाकर यह सेट अपने नाम कर लिया. 


चौथे सेट में कोरिया ने 54 पॉइंट बनाए.कीर्ति ने 8 के स्कोर से शुरुआत की, जिसे बाद में बदलकर 9 कर दिया गया.इससे भारत का कुल स्कोर 54 हो गया और स्कोर बराबर हो गया, जिससे सेट ड्रॉ रहा और भारत ने गोल्ड मेडल पक्का कर लिया.इससे पहले भारत ने ओकाज़ाकी चुओ सोगो पार्क में चीन को 5-1 से हराकर साउथ कोरिया के साथ फ़ाइनल मुक़ाबला तय किया था. 


एश‍ियन गेम्स में महिला रिकर्व टीम के अब तक गोल्ड मेडलिस्ट

 

साल  गोल्ड  सिल्वर  ब्रॉन्ज 
1978 जापान साउथ कोर‍िया नॉर्थ कोर‍िया 
1982 साउथ कोर‍िया नॉर्थ कोर‍िया चीन 
1986 साउथ कोर‍िया चीन  जापान
1990  साउथ कोर‍िया चाइनीज ताइपे नॉर्थ कोर‍िया 
1994 चीन  इंडोनेशिया साउथ कोर‍िया
1998  साउथ कोर‍िया चीन  कजाखस्तान
2002 साउथ कोर‍िया चाइनीज ताइपे चीन
2006 साउथ कोर‍िया चीन चाइनीज ताइपे
2010  साउथ कोर‍िया चीन भारत
2014  साउथ कोर‍िया चीन जापान
2018  साउथ कोर‍िया चाइनीज ताइपे जापान
2022  साउथ कोर‍िया चीन भारत
2026  भारत साउथ कोर‍िया चीन


 

एश‍ियन गेम्स में रिकर्व में भारत का अब तक का प्रदर्शन 

एश‍ियन गेम्स में रिकर्व आर्चरी भारत के लिए शुरुआत से ही मुश्किल रही. 24 नवंबर 2010 को चीन के ग्वांगझू में 16वें एशियन गेम्स में तरुणदीप राय ने र‍िकर्व आर्चरी में भारत के लिए पहला व्यक्तिगत स‍िल्वर मेडल जीता था. वहीं 2010 में भी ही महिला रिकर्व आर्चरी में भी भारत का खाता खुला. 


2010 तरुणदीप राय ( इंडिविजुअल स‍िल्वर)
2010 डोला बनर्जी,रिमिल बुरीउली,दीपिका कुमारी (वीमेंस टीम इवेंट, ब्रॉन्ज )
2006 मंगल सिंह चंपिया,तरुणदीप राय,जयंत तालुकदार, विश्वास (मैंस टीम इवेंट का ब्रॉन्ज)
2022 धीरज बोम्मादेवरा,अतनु दास, तुषार शेल्के (मैंस टीम इवेंट का सिल्वर) 
2022 अंकिता भक्त,भजन कौर, सिमरनजीत कौर (वीमेंस टीम इवेंट, ब्रॉन्ज )

एश‍ियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों का प्रदर्शन

भारत के तीरंदाजों ने एश‍ियन गेम्स 2026 में अब तक कमाल का प्रदर्शन किया है. तीरंदजों की बदौलत भी इस गेम्स में भारत के गोल्ड मेडलों की संख्या 11 तक पहुंच गई है. 11 में से चार गोल्ड तो भारत ने सिर्फ आर्चरी में हासिल किए. कंपाउंड इवेंट में भारत ने क्लीन स्वीप किया. पुरुष टीम, महिला टीम और मिक्स्ड टीम इवेंट तीनों में भी भारत ने गोल्ड जीता. तीनों में भारत ने अपना ख‍िताब बचाया. टीजी मणि रत्नम ने मैंस इंडिविजुअल कंपाउंड में ब्रॉन्ज जीता. 


कंपाउंड में भारत का अब तक का प्रदर्शन 

इंडिविजुअल मैंस कंपाउंड 

2014- अभ‍िषेक शर्मा (सिल्वर मेडल) 
2022  ओजस देवतले (गोल्ड), अभ‍िषेक शर्मा (सिल्वर मेडल) 
2026 टीजी मणि रत्नम, (ब्रॉन्ज) 

मैंस टीम कंपाउंड 

2014 - रजत चौहान, संदीप कुमार, अभिषेक वर्मा, गोल्ड
2018 - रजत चौहान, अमन सैनी, अभिषेक वर्मा, सिल्वर
2022 - ओजस देवताले, प्रथमेश जावकर,अभिषेक वर्मा, गोल्ड
2026 -कुशल दलाल,साहिल जाधव,टीजी मणिरत्नम, गोल्ड

इंडिविजुअल वीमेंस कंपाउंड 

2014- त्रिशा देब, ब्रॉन्ज 
2022- ज्योति सुरेखा, गोल्ड 

वीमेंस टीम कंपाउंड 


2014- त्रिशा देब,पूर्वाषा शेंडे,ज्योति सुरेखा, ब्रॉन्ज
2018 -मुस्कान किरार,मधुमिता कुमारी,ज्योति सुरेखा, सिल्वर
2022 -परनीत कौर,ज्योति सुरेखा,अदिति स्वामी, गोल्ड
2026 - चिकिथा तनिपर्थी, ज्योति सुरेखा, पृथिका प्रदीप, गोल्ड

मिक्स्ड टीम 


2022- ओजस देवताले, ज्योति सुरेखा, गोल्ड

2026- चिकिथा तानिपार्थी, साहिल जाधव, गोल्ड

साहिल-चिकिता ने मिक्स्ड टीम में गोल्ड जीतने के साथ ही 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक का कोटा भी हासिल कर लिया. 

देश को रिकर्व में अब इनसे उम्मीद

रिकर्व आर्चरी में भारत का अभ‍ियान अभी पूरा नहीं हुआ है.  तीन अक्टूबर को मैंस इंडिविजुअल में  धीरज बोम्मादेवरा और नीरज चौहान, वीमेंस इंडिविजुअल में कुमकुल सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए मैदान पर उतरेंगी. वहीं मैंस टीम इवेंट में धीरज, नीरज और यशदीप की जोड़ी का सामना दो अक्टूबर को सेमीफाइनल में इरान से होगा. क्वार्टर फाइनल में भारतीय तिकड़ी ने चीन को 5-1 से हराया था. कुमकम और धीरज की जोड़ी मिक्स्ड टीम में फाइनल में चीन से टकराएगी. फाइनल में इस जोड़ी ने जापान को 5-3 से मात दी थी. यानी वीमेंस रिकर्व टीम के बाद अब मैंस और मिक्स्ड टीम के पास भी ऐतिहासिक गोल्ड जीतने का मौका है. अगले दो द‍िन भारतीय आर्चरी के लिए काफी अहम और ऐतिहासिक होने वाले हैं. 

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