इलावेनिल वलारिवन ने टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने के कुछ ही देर बाद रविवार को व्यक्तिगत कैटेगरी में भारत को एशियन गेम्स 2026 में एक और मेडल दिला दिया. उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में सिल्वर जीता. वलारिवन ने पहले तो भारत को इस एशियाड का पहला मेडल दिलाया और फिर पहला व्यक्तिगत मेडल भी जीता.
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विश्व चैंपियनशिप 2025 की कांस्य पदक विजेता ने फाइनल में 252.4 अंक हासिल किए और जापान की हिनाता ताइची से पीछे रहीं, जिन्होंने 253.0 अंकों के साथ एशियन गेम्स का रिकॉर्ड बनाकर गोल्ड मेडल जीता. साउथ कोरिया की ह्योजिन बान ने 230.4 अंकों के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता. इलावेनिल अंतिम दो शॉट में ताइची से सिर्फ 0.3 अंक पीछे थी.उन्होंने जापानी निशानेबाज के 10.6 के मुकाबले 10.4 का स्कोर बनाया, जिससे अंतर 0.5 तक बढ़ गया.
दिन का दूसरा मेडल
भारतीय खिलाड़ी को पदक का रंग बदलने के लिए अंतिम शॉट में अच्छे प्रदर्शन की जरूरत थी, लेकिन उन्होंने 10.1 का स्कोर बनाया. ताइची ने संयम बनाए रखते हुए 10.2 का स्कोर करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया और एशियन गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया. यह सिल्वर इलावेनिल का दिन का दूसरा मेडल था. इससे पहले उन्होंने सोनम मस्कर और विदरसा विनोद के साथ मिलकर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर जीता था. सोनम 634.1 अंकों के साथ भारत की टॉप स्कोरर रहीं. इलावेनिल 633.5 का स्कोर और विदरसा 630.4 का स्कोर किया.
भारतीय तिकड़ी ने संयुक्त रूप से 1898.0 अंक हासिल कर सिल्वर अपने नाम किया. वह चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहे. चीन की टीम ने 1904.2 के वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड जीता. मेजबान जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा. आइची-नागोया गेम्स में भारत का पहला कंफर्म पदक है. इससे पहले सुचिका तारियाल ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत के लिए एक मेडल पक्का कर दिया था.
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