भारत की जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा.भारत की यह स्टार जोड़ी गोल्ड मेडल मुकाबले में पहुंचने के काफी करीब पहुंच गई थी, मगर जल्दी जश्न मनाने के चलते हाथ से मौका फिसल गया. चिनप्पा और सेंथिलकुमार स्क्वॉश के मिक्स्ड डबल्स फाइनल में जगह बनाने के बहुत करीब पहुंच गए थे, लेकिन हांगकांग की तांग मिंग होंग और ली का यी से एक रोमांचक सेमीफाइनल में 1-2 (10-11, 11-2, 11-10) से हार गए.
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पहला गेम कड़े मुकाबले में हारने के बाद वापसी करते हुए और दूसरे गेम में दबदबा बनाते हुए भारतीय जोड़ी फाइनल में पहुंचने के करीब लग रही थी. इसके बाद वे निर्णायक गेम में 9-7 से आगे थे और उनके पास तीन मैच पॉइंट थे, लेकिन हांगकांग की जोड़ी ने शानदार वापसी की और रोमांचक अंत में मुकाबला जीत लिया.इस हार का मतलब था कि जोशना और वेलवन को ब्रॉन्ज़ मेडल से ही संतोष करना पड़ा.
कम अंतर से पहला गेम गंवाया
पहला गेम काफी रोमांचक रहा और कोई भी जोड़ी बड़ी बढ़त नहीं बना पाई.एक समय जोशना और वेलावन आगे हो गए थे, लेकिन टैंग और ली ने लगातार तीन पॉइंट जीतकर 9-8 की बढ़त बना ली। भारतीयों ने जल्द ही स्कोर 9-9 से बराबर कर लिया, लेकिन इसके बाद हांगकांग को गेम पॉइंट मिल गया. भारत ने फिर वापसी करते हुए स्कोर 10-10 किया, लेकिन टैंग और ली ने अगला पॉइंट जीतकर गेम 11-10 से अपने नाम किया और फाइनल में पहुंचने से बस एक गेम दूर रह गए.
जोशना और वेलावन ने शानदार वापसी की
भारतीयों ने दूसरे गेम में ज़बरदस्त वापसी की. जोशना और वेलावन ने आक्रामक खेल दिखाया. वे पहले गेम की तरह लंबी रैलियों में उलझने के बजाय पॉइंट जल्दी खत्म करने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने तेजी से 3-0 की बढ़त बनाई और उसे 7-2 तक पहुंचा दिया. इसके बाद उन्होंने हांगकांग को कोई और पॉइंट नहीं दिया और गेम 11-2 से जीतकर मुक़ाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया. रोमांचक निर्णायक गेम में तीन मैच पॉइंट हाथ से निकल गए. निर्णायक गेम में मुक़ाबले का सबसे ज़बरदस्त एक्शन देखने को मिला. शुरुआत में जोशना और वेलावन 2-5 से पीछे थे, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 4-5 कर दिया. इसके बाद गेम एक कड़े संघर्ष में बदल गया, जिसमें लंबी रैलियां और कई 'लेट्स' (जहां रुकावट के कारण पॉइंट दोबारा खेला जाता है) हुए, जिससे तनाव और बढ़ गया.
आखिरी गेम में बवाल
भारतीय जोड़ी ने आखिरकार स्कोर 6-6 से बराबर किया और फिर मैच पर अपनी पकड़ बना ली. वे 8-7 से आगे हुए और फिर अपनी बढ़त को 9-7 तक पहुंचाया, जिसमें वेलावन ने शानदार डिफेंस दिखाया. 9-7 के स्कोर पर भारत के पास तीन मैच पॉइंट थे, लेकिन वे उन्हें जीत में नहीं बदल पाए. टैंग और ली ने हिम्मत बनाए रखी और अगले तीन पॉइंट जीतकर स्कोर 10-10 से बराबर कर दिया.
अगली रैली में कड़ी टक्कर हुई और उसका अंत विवाद के साथ हुआ. शुरुआत में ऐसा लगा कि भारत ने पॉइंट जीत लिया है और वेलावन ने थोड़ी देर के लिए जश्न भी मनाया, जिसे ध्यान भटकने वाला एक्शन माना गया और पॉइंट को अमान्य कर दिया गया. इसके बाद हांगकांग ने अगला पॉइंट जीतकर 11-10 से शानदार वापसी की और फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली.
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