भारतीय बैडमिंटन का एशियन गेम्स 2026 में अभियान पूरी तरह से खत्म हो गया हैं. दो बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु के रूप में रविवार को भारत की आखिरी उम्मीद भी टूट गई.उनसे पहले उन्नति हुड्डा, गायत्री गोपीचंद और ट्रिसा जॉली की जोड़ी भी हारकर बाहर हो गई.मैंस में भी लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी, सात्विक साईंराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी बाहर हो गई.
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गोल्ड जीतने के बाद 11 साल के खिलाड़ी को क्यों महसूस हुई शर्मिंदगी?
हांगझोऊ में हुए पिछले टूर्नामेंट में भारत ने तीन मेडल जीते थे.पुरुष टीम ने सिल्वर मेडल जीता था, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने डबल्स में गोल्ड मेडल जीता था और एचएस प्रणय ने पुरुष सिंगल्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था.हालांकि तीन साल बाद भारतीय पुरुष टीम ब्रॉन्ज़ मेडल तो जीत पाई, लेकिन कोई भी शटलर अलग-अलग कैटेगरीज के सेमीफ़ाइनल तक नहीं पहुंच सका, जहां पहुँचने से मेडल पक्का हो जाता.सिंगल और डबल्स में भारत खाली हाथ रहा.
पहला गेम जीतने के बाद लड़खड़ाई सिंधु
पीवी सिंधु एशियाड में पूरे देश की आखिरी उम्मीद थी और क्वार्टर फ़ाइनल में चीन की चेन युफ़ेई के खिलाफ उन्होंने जिस तरह से शुरुआत की, उसे देखकर वो सेमीफाइनल में पहुंचने के काफी करीब लग रही थी. सिंधु ने पहला गेम आसानी से जीत भी लिया था, मगर इसके बाद दुनिया की चौथे नंबर की चीनी खिलाड़ी ने वापसी करते हुए भारत की सबसे अच्छी सिंगल्स खिलाड़ी को 1 घंटे 15 मिनट तक चले मुकाबले में 21-11, 18-21, 10-21 से हरा दिया. सिंधु को 24 घंटे से भी कम समय में अपना तीसरा मैच खेलना पड़ा था.
हुड्डा तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन से हारी
वहीं एक अन्य क्वार्टर फ़ाइनल में 19 साल की हुड्डा को तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन अकाने यामागुची के हाथों 16-21, 21-14, 17-21 से हार का सामना करना पड़ा. इससे पहले पिछले महीने वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना पहला ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली ट्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को महिला डबल्स के क्वार्टर-फ़ाइनल में मलेशिया की वर्ल्ड नंबर 5 जोड़ी पर्ली टैन और थिनाह मुरलीधरन से 18-21, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा.
एक और क्वार्टर फ़ाइनल में मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो ने जबरदस्त टक्कर दी, लेकिन वे दुनिया की नंबर 1 जोड़ी चीन के फेंग यान झे और हुआंग डोंगपिंग से 14-21, 21-18, 18-21 से हार गए.
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