Asian Games : अंतिम दिन जड़ा 'गोल्डन पंच', जानें किस-किस खेल में बरसा सोना और कौन से स्थान पर भारत ने फिनिश किया ?

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 मेडल अपने नाम किए. भारतीय दल ने 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 कांस्य पदक जीते. अंतिम दिन भारत ने पांच गोल्ड समेत कुल नौ मेडल हासिल किए.

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Team India celebrates after winning Asian Games 2026 gold. (BCCI)

टीम इंडिया के खिलाड़ी

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भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 85 मेडल जीते

अंतिम दिन भारत ने पांच गोल्ड सहित कुल नौ मेडल जीते

Asian Games Wrapup: एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत ने कुल 506 एथलीटों का दल भेजा था. इसमें सबसे पहले गोल्ड भारत को महिला क्रिकेट टीम ने दिलाया. इसके बाद अंतिम दिन भारत की मेंस क्रिकेट टीम के साथ मेंस हॉकी टीम ने भी गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. भारत का प्रदर्शन शुरुआती दिनों में कुछ खास नहीं जा रहा था. लेकिन जैसे ही हॉकी और क्रिकेट सहित बॉक्सिंग व रेसलिंग के मुकाबले शुरू हुए, तो गोल्ड मेडल की बरसात हो गई. भारत ने दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन छह गोल्ड मेडल जीते. इसके बाद अंतिम दिन यानी तीन अक्टूबर को भारत ने पांच गोल्ड मेडल का गोल्डन पंच जड़ा. इसमें गोल्फ के खेल में पहली बार सोना आना इस एशियन गेम्स के सबसे सुनहरे पलों में से एक भी है. अब चलिए जानते हैं कि भारत ने अंतिम दिन कौन-कौन से खेल में मेडल जीते और उसने किस स्थान के साथ टूर्नामेंट को फिनिश किया.

तीरंदाजी और गोल्फ में हाथ आया सोना

भारत के लिए सबसे पहले तीन अक्टूबर को दिन के समय तीरंदाजी और गोल्फ में ऐतिहासिक मेडल आया. भारत की 17 साल की खिलाड़ी कुमकुम मोहोद ने महिलाओं की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा का गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इसके बाद भारत की महिला गोल्फर प्रणवी उर्स ने भी इतिहास रच दिया. प्रणवी ने व्यक्तिगत महिला वर्ग में शानदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और भारत को एशियन गेम्स के खेल के इतिहास में महिलाओं का गोल्फ का पहला मेडल दिलाया, जो गोल्ड के रूप में आया.

भारत के कितने गोल्फर्स गए थे एशियन गेम्स में?

भारत के कुल मिलाकर छह गोल्फर्स एशियन गेम्स में भाग लेने गए थे, जिसमें तीन महिला खिलाड़ी और तीन पुरुष खिलाड़ी शामिल थे. मेंस में युवराज संधु, वीर अहलावत और सप्तक तलवार मेडल नहीं जीत सके. वहीं महिलाओं में अदिति अशोक और दीक्षा डागर तो नहीं जीत सकीं, लेकिन प्रणवी ने गोल्ड मेडल हासिल करके कमाल कर दिया.

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गोल्फ एशियन गेम्स में कब शामिल किया गया?

गोल्फ को एशियन गेम्स के इतिहास में देखा जाए तो साल 1982 में शामिल किया गया था. राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाला यह दूसरा एडिशन था. इसमें भारत के गोल्फर लक्ष्मण सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धा का पहला ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था. राजीव मेहता ने सिल्वर मेडल और मेंस टीम (लक्ष्मण सिंह, ऋषि नारायण, अमित लुथरा और राजीव मोहन) ने गोल्ड मेडल जीता था. जिसके बाद अब किसी भारतीय महिला ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है.

दो पहलवानों ने जीता गोल्ड मेडल

तीरंदाजी और गोल्फ के बाद रेसलिंग में अमन सहरावत ने गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगा लहरा दिया. अमन ने मेंस फ्रीस्टाइल की 57 किग्रा कैटेगरी में गोल्डन दांव लगाया और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. अमन से पहले अन्य पहलवान सुजीत ने पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में जीत दर्ज करके दो अक्टूबर को गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. इस तरह 5 पुरुष पहलवान जो एशियन गेम्स के लिए जापान गए थे, उनमें से दो अब गोल्ड मेडल लेकर वापस लौटेंगे. वहीं 6 महिला पहलवानों में कोई भी गोल्ड मेडल हासिल नहीं कर सकी. सिर्फ अंतिम पंघाल ही सिल्वर जीत सकीं.

क्रिकेट में भारत ने पाकिस्तान को पीटकर जीता गोल्ड

अब रेसलिंग, तीरंदाजी और कुश्ती में गोल्ड के बीच भारत की मेंस क्रिकेट टीम ने भी इतिहास रच दिया. भारत का फाइनल में मुकाबला जापान के मैदान में पाकिस्तान की क्रिकेट टीम से था. भारत के युवा बैटर वैभव सूर्यवंशी फाइनल में 9 गेंद पर दो छक्कों से 15 रन ही बना सके, तो अभिषेक शर्मा ने 28 गेंद में तीन चौके और सात छक्कों से 61 रन की पारी खेली. इसके अलावा तिलक वर्मा ने 22 गेंद में नाबाद 51 रन बनाए. जिससे भारत ने पहले खेलते हुए 6 विकेट पर 20 ओवर में 211 रन बनाए और पाकिस्तान की टीम को 192 पर रोक दिया. उनके लिए हसन नवाज ही 96 रन बना सके, जबकि बाकी बैटर्स भारतीय गेंदबाजों के आगे बेबस हो गए. जिससे भारत ने 19 रन की जीत के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. भारतीय मेंस टीम ने साल 2022 के बाद लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि पहली बार अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंडिया जीती. पिछली बार ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में टीम इंडिया ने गोल्ड जीता था.

हॉकी के इतिहास में ऐसा करिश्मा पहली बार हुआ

क्रिकेट के बाद हॉकी में भारत ने इतिहास रच दिया. हॉकी टीम इंडिया ने फाइनल में जबरदस्त खेल दिखाया और मलेशिया को अपने सामने टिकने नहीं दिया. पहले हाफ तक 2-1 से आगे रहने वाली भारतीय हॉकी टीम ने डिफेंस में मजबूती के साथ अटैक किया और दूसरे हाफ में तीन और गोल दाग दिए. जिससे भारत ने 5-1 की जीत के साथ न सिर्फ लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड जीता, बल्कि 2028 ओलिंपिक का टिकट भी हासिल कर डाला. इतना ही नहीं, 1951 से शुरू होने वाले एशियन गेम्स के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब भारत की मेंस और वीमेंस हॉकी टीम ने एक ही एडिशन में गोल्ड मेडल जीते. इस तरह एशियन गेम्स में क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी के खेल में भारत ने गोल्ड मेडल का क्लीन स्वीप कर दिया. इन खेलों की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने दबदबा दिखाते हुए कुल 6 गोल्ड मेडल जीते.

भारत ने दो सिल्वर और दो कांस्य भी जीते

भारत ने तीन अक्टूबर के दिन पांच गोल्ड मेडल के अलावा रेसलिंग में अंतिम पंघाल के प्रदर्शन से सिल्वर मेडल जीता. अंतिम ने महिलाओं के 53 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में सिल्वर अपने नाम किया. उनके अलावा गोल्फ में महिलाओं की तिकड़ी (प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर) ने टीम स्पर्धा का सिल्वर जीता. सिल्वर के अलावा दो कांस्य पदक भारत के खाते में आए. पहलवान दीपक ने 97 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, तो तीरंदाजी में नीरज चौहान ने व्यक्तिगत रिकर्व मुकाबले में कांस्य पदक जीता. जिससे भारत ने अंतिम दिन पांच गोल्ड, दो सिल्वर और दो कांस्य सहित कुल नौ मेडल अपने नाम किए.

एशियन गेम्स के इतिहास में इस बार भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?

भारत ने अब 19 सितंबर से जारी एशियन गेम्स के अंतिम दिन तक जमकर मेडल अपने नाम किए. लेकिन मेडल का शतक नहीं लग सका. भारत ने कुल 85 मेडल अपने नाम किए. इसमें 21 गोल्ड मेडल, 27 सिल्वर मेडल और 37 कांस्य पदक शामिल हैं. जो कि भारत के एक एशियन गेम्स में जीते गए अब तक के दूसरे सबसे अधिक मेडल हैं. 2022 के एशियन गेम्स में भारत ने 106 मेडल जीते थे और इसके बाद अब 85 मेडल दूसरे स्थान पर है. इतना ही नहीं, पिछले एशियन गेम्स में भारत चौथे स्थान पर था, तो इस बार भी उसी स्थान पर भारत विराजमान है. भारत ने बेस्ट प्रदर्शन 1951 में किया था, जब वह मेडल टैली में दूसरे स्थान पर था.  

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