एशियन गेम्स 2026 के शुरू होने में अब गिनती के ही दिन बचे हैं और इससे पहले भारत को झटका लग गया. एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम में शामिल एकमात्र पुरुष खिलाड़ी और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के रजत पदक विजेता ऋषिकांत सिंह घुटने की चोट के कारण एशियाड से बाहर हो गए हैं. ऋषिकांत के बाहर होने के बाद एशियन गेम्स के लिए भारतीय भारोत्तोलन टीम में अब चार महिला खिलाड़ी रह गई हैं. इनमें टोक्यो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई चानू (49 किग्रा), ज्ञानेश्वरी यादव (53 किग्रा), निरुपमा देवी (61 किग्रा) और हरजिंदर कौर (69 किग्रा) शामिल हैं.
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मणिपुर के इस भारोत्तोलक को जुलाई में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स से एक सप्ताह पहले घुटने में चोट लगी थी. इसके बावजूद उन्होंने 60 किग्रा भार वर्ग में चुनौती पेश की और रजत पदक जीता. भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा कि हमें उम्मीद थी कि वह एशियन गेम्स से पहले फिट हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. उनका चिकित्सकीय आकलन किया गया, जिसके बाद उन्हें एक महीने के रिहैब्लिटेशन (इलाज और चोट से उबरना) की सलाह दी गई है.
खिताब के मजबूत दावेदार थे ऋषिकांत
ऋषिकांत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 264 किलो वजन उठाकर सिल्वर जीता था. उन्होंने स्नैच में 121 किलो वजन उठाया था. इसके जरिए उन्होंने इन खेलों में स्नैच का नया रिकॉर्ड बनाया. ऋषिकांत ने क्लीन एंड जर्क में 143 किलो भार उठाया था. वह मणिपुर से वेटलिफ्टिंग में कॉमनवेल्थ मेडल जीतने वाले पहले पुरुष बने. उन्होंने भारतीय सेना के सेट अप में रहते हुए ट्रेनिंग की. उन्होंने अहमदाबाद में हुए इवेंट के जरिए ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स का टिकट कटाया था. पिछले साल यानी 2025 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 271 किलो वजन उठाकर गोल्ड जीता था. उनके इन शानदार सफर को देखते हुए एशियन गेम्स में खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था.
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