महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप (Womens World Cup) में पाकिस्तान (Pakistan) की टीम ने कमाल कर दिया है. 13 साल तक टीम वर्ल्ड कप में जीत हासिल नहीं कर पाई थी लेकिन टीम ने बड़ा उलटफेर करते हुए सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया और जीत हासिल कर ली. पाकिस्तान की टीम के लिए ये जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि टीम पिछले 18 मुकाबलों से एक भी मैच नहीं जीत पाई थी वहीं इस वर्ल्ड कप में टीम ने अपने 5वें मैच में पहली जीत हासिल कर ली है. टीम यहां जीत के लिए तरस गई थी लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ हुए मुकाबले में टीम ने जीत दर्ज की. पाकिस्तान की टीम के लिए शुरुआत उतनी अच्छी नहीं रही और मैच में बारिश ने खलल डाला. लेकिन बारिश खत्म होते ही मैच को प्रति टीम 20 ओवरों का कर दिया. वेस्टइंडीज की महिली टीम ने पहले बल्लेबाजी की लेकिन पाकिस्तान की तरफ से निदा डार की गेंदबाजी ने विंडज की बल्लेबाजों का बुरा हाल कर दिया जिससे टीम सिरफ 89 रन ही बना पाई. इसके जवाब में पाकिस्तान ने 2 विकेट के नुकसान पर 90 रन बनाकर जीत हासिल कर ली.
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13 साल पहले विंडीज के खिलाफ मिली थी जीत
पाकिस्तान ने आखिरी बार वेस्टइंडीज के खिलाफ ही साल 2009 में जीत हासिल की थी. लेकिन अब 13 साल और 7 दिन यानी की 4755 दिन बाद टीम को जीत नसीब हुई है. बिस्माह मरूफ इकलौती ऐसी खिलाड़ी हैं जो दोनों वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रह चुकी हैं. बता दें कि बिस्माह मरूफ की कप्तानी में टीम पिछले चारों वर्ल्ड कप गंवा चुकी है. पाकिस्तान की टीम पहले ही यहां टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है जबकि वेस्टइंडीज की टीम टेबल में 3 जीत और दो बार के साथ तीसरे नंबर पर है. वेस्टइंडीज की टीम का फोकस अब जीत पर होगा क्योंकि टीम की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें अभी भी बाकी हैं.
निदा डार का धमाल
पाकिस्तान की स्पिनर्स ने कमाल की गेंदबाजी की और वेस्टइंडीज की टीम को 20 ओवरों के भीतर सिर्फ 89 रन ही बनाने दिए. टीम की तरफ से निदा डार ने अपना बेस्ट प्रदर्शन किया और विंडीज के 4 बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया. अपने चार ओवरों में निदा ने सिर्फ 10 रन दिए और अपना सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा हासिल किया. एक समय विंडीज की टीम बिना किसी नुकसान के 19 रन बना चुकी थी, लेकिन डिएंड्रा डॉटिन और हेले मैथ्यूज यहां टीम को अच्छी शुरुआत देने में कामयाब नहीं हो पाईं. कपतान स्टेफनी टेलर ने 18 और एफी फ्लेचर ने 12 रन बनाए. इनके अलावा एक भी बल्लेबाज यहां कमाल नहीं कर पाईं पूरी टीम सिर्फ 89 रन ही बोर्ड पर टांग पाईं.
पाकिस्तान की बल्लेबाजी की बात करें तो मुनीबा अली और सिद्रा अमीन ने टीम के लिए पारी की शुरुआत की. सिद्रा हालांकि सिर्फ 8 रन पर ही फ्लेचर के हाथों बोल्ड हो गईं जबकि मुनीब अली ने बल्लेबाजी जारी रखी. अमीन के जाने के बाद अली का साथ देने कप्तान बिस्माह आईं. दोनों ने मिलकर पारी को संभाला. इस बीच 57 के कुल स्कोर पर शानदार 37 रन बनाकर मुनीबा पवेलियन लौट गईं. अपनी पारी में उन्होंने 5 चौके जड़े. अंत में ओमैना सोहेल ने मरूफ के साथ मिलकर टीम को 7 गेंद रहते ही 8 विकेट से जीत दिला दी. मरूफ ने 20 और सोहेल ने 22 रन बनाए.
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