सिर्फ 15 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करके वैभव सूर्यवंशी ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तो तोड़ दिया. लेकिन डेब्यू के बाद से लेकर अभी तक वैभव अपना वो रंग नहीं दिखा सके हैं, जिसके लिए उनको टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है. जुलाई माह से लेकर अभी तक वैभव भारत के लिए नौ मैच खेल चुके हैं और जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज को हटा दें, तो उनके नाम 38 रन से बड़ी पारी दर्ज नहीं है. यानी वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका तो मिल रहा है, लेकिन उसमें भी वह खरे नहीं उतर पा रहे हैं. हालांकि, टीम इंडिया के मैनेजमेंट के पास उनको लेकर लॉन्ग टर्म प्लान है, तो वैभव टी20 टीम इंडिया के सेटअप से तो बाहर नहीं होने वाले, मगर वह क्यों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में संघर्ष कर रहे हैं? इसके पीछे के तीन बड़े कारण सामने आए हैं.
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वैभव सूर्यवंशी को नहीं मिल रहे लगातार मौके
श्रेयस अय्यर को जब टी20 टीम इंडिया का नया कप्तान बनाया गया, तो वैभव सूर्यवंशी को भी शामिल किया गया. सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों की सीरीज से बाहर रखा गया और दोनों मैचों में वैभव बेंच पर बैठे थे. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ जब पहले मैच में संजू सैमसन कुछ खास नहीं कर सके, तो वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला. वैभव ने डेब्यू मैच में दो छक्कों सहित 14 रन बनाए और एक छोटी, तेज पारी खेलकर चलते बने. इसके बाद वैभव ने 13, तो फिर 15 रन की पारी खेली, जिसके बाद टीम से उनको बाहर कर दिया गया. अपनी डेब्यू सीरीज के तीन मैचों में वैभव के बल्ले से सिर्फ पांच छक्के ही आए और वह एक बड़ी पारी से खुद को साबित नहीं कर सके. वैभव की जगह फिर से संजू आए और नतीजतन भारत को आयरलैंड व इंग्लैंड में हार मिली.
इसके बाद वैभव ने जिम्बाब्वे दौरे पर तीन मैचों की टी20 सीरीज में 50 और 80 रन की ताबड़तोड़ पारियां खेलीं, लेकिन फिर संजू वापस आए, तो अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में उनको मौका नहीं मिला. वैभव को जिम्बाब्वे दौरे के 67 दिन बाद टीम इंडिया से सीधे एशियन गेम्स 2026 में खेलने का मौका मिला. एशियन गेम्स के दो मैचों में उनके बल्ले से 38 और 15 रन की ही पारियां आईं, तो फिर वह वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज से बाहर रहे और उनको अब न्यूजीलैंड के खिलाफ 20 दिन बाद खेलने का मौका मिला. 20 दिन बाद मैदान पर खेलने आए वैभव फिर से नहीं चले और चार रन ही बना सके. ऐसे में शायद लगातार मौके नहीं मिलने से वैभव की फॉर्म खो गई और वह संघर्ष करते नजर आए.
विदेशी पिचों पर फंसते नजर आए वैभव सूर्यवंशी
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल के दौरान भारत की सपाट पिचों पर जमकर रन बरसाए हैं. वैभव ने अपनी हाई बैकलिफ्ट से ताबड़तोड़ छक्के बरसाए और वह भारत की पिचों पर मिलने वाले बाउंस व उसकी स्पीड से अच्छी तरह वाकिफ हैं. लेकिन पहली बार इंग्लैंड खेलने गए वैभव सूर्यवंशी वहां की तेज पिचों के अनुसार खुद को ढाल नहीं सके. इंग्लैंड में तेज पिचों पर मिलने वाली उछाल से वैभव फंसते नजर आए और शॉर्ट पिच बॉल से उनके खिलाफ जमकर प्रहार किया गया.
संजू-अभिषेक की जोड़ी के बीच क्यों जगह नहीं बना पा रहे सूर्यवंशी ? जानें कारण
कुछ ऐसा ही नजारा न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में भी देखने को मिला, जहां की तेज पिच पर वैभव संघर्ष करते नजर आए. आईपीएल में पहली गेंद पर छक्का जड़ने वाले वैभव ने न्यूजीलैंड में आठ गेंदें खेलीं और बिना बाउंड्री लगाए पवेलियन चले गए. यानी साफ पता चल रहा है कि वैभव का बैटिंग स्टाइल विदेशी पिचों पर अभी फिट नहीं बैठ रहा है और इसके लिए उनको और मेहनत करनी होगी. उम्मीद है कि टीम इंडिया का मैनेजमेंट उनको न्यूजीलैंड दौरे पर और मौके देकर आजमाना चाहेगा, जिससे वह खुद को साबित कर सकें. इसलिए वैभव को अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना नाम कमाना है, तो सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के हर एक मैदान पर जाकर छक्के बरसाकर फैंस का दिल जीतना होगा. तभी वह आगे चलकर सचिन जैसे महान खिलाड़ी की तरफ कदम बढ़ा पाएंगे.
भारत में नहीं मिला मौका और बैटिंग ऑर्डर में बदलाव
वैभव सूर्यवंशी ने जब से बल्ला थामा है, वह अपनी टीम के लिए ओपनिंग करते ही नजर आए हैं. वैभव ने हर एक लेवल से लेकर अंडर-19 टीम इंडिया और फिर आईपीएल तक में ओपनिंग का जिम्मा संभाला है. वैभव सूर्यवंशी एक तरह से विस्फोटक सलामी बल्लेबाज हैं और उनको बहुत ही कम किसी और बैटिंग ऑर्डर में खेलते देखा गया है. लेकिन टीम इंडिया के मैनेजमेंट ने उनको दूसरे नंबरों पर आजमाना चाहा.
दूसरे टी20 मैच से जब इशान किशन बाहर हो गए, तो वैभव को टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में मौका मिला. लेकिन इस बार संजू सैमसन की जगह के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई. संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ओपनिंग में ही नजर आए, जबकि वैभव को नंबर तीन पर भेजा गया. इससे पहले एशियन गेम्स 2026 के दौरान वैभव ओपनिंग कर रहे थे और संजू को नंबर तीन पर भेजा जा रहा था. लेकिन तमाम एक्सपेरिमेंट का अपने करियर में शिकार हो चुके संजू सैमसन के साथ शायद टीम इंडिया का मैनेजमेंट अब छेड़खानी नहीं करना चाहता है. संजू एक सीनियर बल्लेबाज के तौर पर टी20 टीम इंडिया का हिस्सा हैं और उनके लिए युवा वैभव को नंबर तीन पर भेजा गया. इसके लिए शायद मानसिक तौर पर वैभव तैयार नहीं थे और जब वह मैदान में आकर बैटिंग करने लगे, तो संघर्ष करते नजर आए. इसलिए हो सकता है कि वैभव के दिमाग में बैटिंग ऑर्डर को लेकर भी समस्या हो.
हालांकि, वैभव ने अभी तक भारत यानी अपने घर की पिच पर एक भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है. अगर उन्हें वेस्ट इंडीज के खिलाफ मौका मिलता तो शायद वो भी सपाट पिच पर बड़ी पारी खेलते नजर आते. फिलहाल तो उनको इंग्लैंड, जिम्बाब्वे और जापान के बाद न्यूजीलैंड की धरती पर बैटिंग करने का मौका मिला है. दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वैभव को अगर अपने कदम जमाने हैं, तो शुरुआत में किसी भी बैटिंग ऑर्डर में रन बरसाने के लिए टूट पड़ना होगा. संजू सैमसन खुद तमाम नंबरों पर खुद को साबित करते हुए अब टी20 टीम इंडिया के पक्के ओपनर के तौर पर खुद को स्थापित कर सके हैं. इसलिए वैभव को टीम में रहकर उनसे काफी कुछ सीखना चाहिए.
वैभव सूर्यवंशी : आईपीएल VS T20I
| आंकड़े / रिकॉर्ड | आईपीएल (IPL) करियर | टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) |
|---|---|---|
| कुल मैच | 23 | 9 |
| कुल पारियां | 23 | 9 |
| कुल रन | 1,028 | 250 |
| बल्लेबाजी औसत | 44.70 | 27.78 |
| स्ट्राइक रेट | 228.95 | 178.57 |
| सर्वोच्च स्कोर | 103 | 81 |
| शतक (100s) | 2 | 0 |
| अर्धशतक (50s) | 6 | 2 |
| कुल चौके (Fours) | 81 | 22 |
| कुल छक्के (Sixes) | 96 | 18 |
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