कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में 33 साल के ऑलराउंडर सारांश जैन के भारत के लिए डेब्यू करने की संभावना है. मध्य प्रदेश के इस ऑलराउंडर को सीनियर टीम में अपना पहला मौका मिल सकता है. सोर्स ने 'इंडिया टुडे' को बताया कि सारांश अगले मैच में खेलेंगे और उनके प्लेइंग XI में शामिल होने की पूरी संभावना है. अगर ऑफ-स्पिनर सारांश डेब्यू करते हैं तो उनके लिए कुलदीप यादव को अपनी जगह छोड़नी पड़ सकती है. पहले टेस्ट में गॉल की टर्निंग पिच पर कुलदीप कोई खास असर नहीं डाल पाए थे और उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला था, जहां भारत ने श्रीलंका को 165 रनों से हराया था.
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जिस पिच पर मानव सुथार ने मैच में कुल 10 विकेट लिए और रवींद्र जडेजा ने दोनों पारियों में चार विकेट चटकाए, वहां कुलदीप के लिए कोई खास असर छोड़ना मुश्किल रहा.उन्होंने श्रीलंका की पहली पारी में एक विकेट लिया और दूसरी पारी में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला.उनका प्रदर्शन 25-0-103-1 रहा. कोलंबो टेस्ट से पहले कुलदीप का प्रदर्शन उनकी जगह पर सवाल खड़े कर सकता है,खासकर इसलिए क्योंकि सुथार ने अपने डेब्यू में ज़बरदस्त छाप छोड़ी है और जडेजा लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.भारत के स्पिन डिपार्टमेंट में जगह बनाने के लिए मुकाबला और भी कड़ा होता जा रहा है. गॉल में 165 रन से जीत हासिल करने के बाद भारत कोलंबो टेस्ट में 1-0 की बढ़त के साथ उतर रहा है.यह जीत भारत के 600वें टेस्ट मैच में मिली और इससे मेहमान टीम को दो मैचों की सीरीज में शुरुआती बढ़त मिल गई.
सारांश जैन कौन हैं?
31 मार्च 1993 को इंदौर में जन्में जैन ने 2014-15 सीजन में मध्य प्रदेश के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया. उनके पिता सुबोध जैन भी MP के लिए रणजी ट्रॉफ़ी क्रिकेट खेल चुके हैं. सुबोध भी भारत के खेलना चाहते थे, मगर जब उनका करियर आगे नहीं बढ़ पाया तो उन्होंने सारांश पर ध्यान देना शुरू कर दिया.सारांश ने इंदौर के विजय क्लब में अपनी स्किल्स को बेहतर बनाया. वहां वह रजत पाटीदार के साथ खेले, जो बाद में भारत के लिए खेले और मध्य प्रदेश व रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी भी की.
सारांश का सफर
सारांश ने 2021-22 रणजी ट्रॉफी में मध्य प्रदेश की खिताबी जीत के दौरान खुद को एक अहम रेड-बॉल खिलाड़ी के तौर पर स्थापित किया.उन्होंने क्वार्टर-फ़ाइनल, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल मैच खेले और नॉकआउट स्टेज में कुल 13 विकेट लिए. मुंबई के खिलाफ़ फ़ाइनल में उन्होंने अहम 57 रन भी बनाए, जिससे मध्य प्रदेश ने अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता.इसके बाद सारांश का 2022-23 सीज़न भी शानदार रहा, जिसमें उन्होंने 360 रन बनाए और 35 विकेट लिए. उनके इस ऑल-राउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें रणजी ट्रॉफी में सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंडर का 'लाला अमरनाथ अवॉर्ड' मिला.
सारांश को शानदार प्रदर्शन का इनाम भी मिला और 2024 में इंग्लैंड लायंस के खिलाफ़ सीरीज के लिए इंडिया A टीम में चुना गया, जहां उन्होंने दोनों पारियों में अर्धशतक लगाए. 2025 दलीप ट्रॉफी में उन्होंने अपनी दावेदारी और मजबूत की. सेंट्रल जोन की ओर से खेलते हुए उन्होंने दो मैचों में 16 विकेट लिए और सेमी-फाइनल और फाइनल दोनों में अर्धशतक जड़े. उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का अवॉर्ड मिला. उन्होंने रणजी ट्रॉफी में भी अपना अच्छा फ़ॉर्म जारी रखा और 57.55 की औसत से 518 रन बनाए और 20.43 की औसत से 30 विकेट लिए.इन प्रदर्शनों की वजह से अब सारांश कोलंबो में भारत के लिए डेब्यू करने की दौड़ में मजबूती से शामिल हो गए हैं.
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