कोलंबो में भारत और श्रीलंका के बीच चल रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन सिर्फ तीन रन बनाकर 'रिटायर्ड हर्ट' होने के बाद ऋषभ पंत दूसरे दिन सुबह के सेशन में डेब्यू करने वाले सारांश जैन के आउट होने पर एक बार फिर भारत के लिए बैटिंग करने उतरे.पंत ने पहले सेशन में शानदार हाफ-सेंचुरी (88 गेंदों पर नाबाद 63 रन) लगाई. भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज को 50 रन के आंकड़े तक पहुंचने के लिए 81 गेंदों की ज़रूरत पड़ी. अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी करने से पहले उन्होंने भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर विदेशी टेस्ट मैचों (विपक्षी टीम का घरेलू मैदान + न्यूट्रल वेन्यू) में अपने कुल रनों की संख्या 2500 तक भी पहुंचा ली.
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इसी के साथ पंत ऐसे पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं, जिसने विदेशी टेस्ट मैचों में 2500 रन बनाए हैं. सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में अर्धशतक बनाते हुए पंत ने एमएस धोनी का रिकॉर्ड तोड़ दिया. धोनी ने 2006 से 2014 के बीच भारत के लिए 48 टेस्ट बाहर खेले और 2496 रन बनाए. वहीं पंत भारत के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर अपना 36वां अवे टेस्ट खेल रहे हैं और अब उनके नाम 2534 रन हो गए हैं.
शुभमन गिल को पीछे छोड़ा
कोलंबो में अपनी शानदार पारी से पंत ने एक और मुकाम हासिल कर लिया. भारतीय कप्तान शुभमन गिल को पीछे छोड़ते हुए वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में भारत के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. अगर वह श्रीलंका के खिलाफ चल रहे दूसरे टेस्ट में कम से कम 52 रन बना लेते हैं तो वह WTC में 3000 रन पूरे करने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बन जाएंगे. अभी उनके नाम 2,948 रन हैं और भारत की दूसरी पारी में उन्हें मौका मिल सकता है.गिल के नाम 42 WTC मैचों में 2917 रन दर्ज हैं.पंत WTC में 3000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले ऐसे विकेटकीपर-बल्लेबाज़ भी बन जाएंगे, जो खास तौर पर इसी भूमिका में खेले हैं. उन्होंने भारत के लिए अपने सभी 42 WTC मैच एक विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के तौर पर खेले हैं.
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