5 मैचों के सस्पेंशन से लेकर लाइफटाइम बैन तक, यशस्वी जायसवाल पर मंडराया ICC की सजा का खतरा

कोलंबो टेस्ट मैच के दौरान यशस्वी जायसवाल श्रीलंका के असिथा फर्नांडो के साथ सिर टकराते हुए (हेड-बटिंग करते हुए) दिखाई दिए.फर्नांडो ने 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर उन्हें 45 (53) रन पर आउट कर दिया, जिसके बाद बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच बहस हो गई

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यशस्वी जायसवाल को आईसीसी सजा दे सकती है. (PC: Getty)

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यशस्वी जायसवाल को आईसीसी सजा दे सकती है.

जायसवाल 'लेवल 4' अपराध के दोषी पाए जा सकते हैं.

भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ओर से भारी जुर्माना लगने का खतरा मंडरा रहा है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के दौरान वे श्रीलंका के असिथा फर्नांडो के साथ सिर टकराते हुए (हेड-बटिंग करते हुए) दिखाई दिए.फर्नांडो ने 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर उन्हें 45 (53) रन पर आउट कर दिया, जिसके बाद बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच बहस हो गई और कई श्रीलंकाई खिलाड़ी उनके आस-पास जमा हो गए. देवदत्त पडिक्कल ने जायसवाल को मैदान से बाहर जाने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वे फर्नांडो की ओर बढ़ते रहे और आखिर में दोनों खिलाड़ियों के सिर आपस में टकरा गए. 

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ICC के नियमों के तहत किसी इंटरनेशनल मैच के दौरान शारीरिक हमला करके चोट पहुंचाना या हिंसा करना (जैसे लात मारना, मुक्का मारना या लड़ाई-झगड़ा करना) 'लेवल 4' का अपराध माना जाता है.ICC कोड ऑफ़ कंडक्ट के आर्टिकल 2.18 में इंटरनेशनल मैच के दौरान किसी दूसरे खिलाड़ी, खिलाड़ी के सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति पर शारीरिक हमला को लेकर शामिल है. 

आजीवन प्रतिबंध की सज़ा

आर्टिकल 2.19 में इंटरनेशनल मैच के दौरान खेल के मैदान पर हिंसा की कोई भी हरकत करना शामिल है. ICC के नियमों के तहत लेवल 4 के उल्लंघन के लिए सबसे कड़ी सज़ा का प्रावधान है.ICC का कहना है कि लेवल 4 के अपराधों के लिए सजा में 5 टेस्ट मैच या 10 वनडे मैचों का प्रतिबंध लगाने से लेकर संबंधित खिलाड़ी या अधिकारी पर आजीवन प्रतिबंध लगाने तक की सज़ा शामिल हो सकती है. 


रहाणे ने जब जायसवाल को बचाया


यह पहली बार नहीं है जब जायसवाल ने अपने गुस्से पर कंट्रोल नहीं रख पाए और आपा खो द‍िया. 2022 के दलीप ट्रॉफी फाइनल के दौरान अंपायर की चेतावनियों के बावजूद जायसवाल साउथ जोन के टी रवि तेजा से बार-बार उलझते रहे.वेस्ट जोन के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने बीच-बचाव किया और मामला और बिगड़ने से बचाने के लिए आख़िरकार जायसवाल को ड्रेसिंग रूम भेज दिया था. बाद में रहाणे ने खुलासा किया था कि मैच रेफरी ने जायसवाल पर चार मैचों का बैन लगाने की तैयारी कर ली थी,लेकिन रहाणे को अपने साथी खिलाड़ी को डांटते हुए देख उन्होंने वह लेटर फाड़ दिया. रहाणे ने कहा कि उन्हें लगा कि हालात को संभालना और जायसवाल को ऐसी सज़ा से बचाना उनकी ज़िम्मेदारी है, जिससे उनके करियर पर बुरा असर पड़ सकता था. इसके बाद जायसवाल ने उस फ़ाइनल में 265 रन बनाए और 2023 में भारत के लिए अपना डेब्यू किया. ऐसे में उनके हालिया कथित मामले के कारण उनके अनुशासन के रिकॉर्ड और स्वभाव पर फिर से सवाल उठ सकते हैं. 

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