ध्रुव जुरेल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में शतक बनाया. उन्होंने सातवें नंबर पर उतरकर 115 रन की नाबाद पारी खेली. इसके बाद ध्रुव जुरेल ने बाइशेप्स पर बनाए टैटू को दिखाया. इसमें लिखा था, जय जवान, जय किसान. उन्होंने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद इस टैटू के पीछे की कहानी बताई.
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जुरेल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि क्यों उन्होंने यह टैटू बनवाया है और इसके पीछे क्या वजह है. उन्होंने कहा, मेरे दादाजी किसान थे और मेरे पिता सैनिक थे. इसलिए यह मेरी जड़ें हैं. मैं उन्हें भूलना नहीं चाहता. इसलिए मेरे पिता और दादा को यह सम्मान मिलना चाहिए.
जुरेल के पिता कारगिल जंग में शामिल रहे हैं. इस खिलाड़ी ने पहले जब अर्धशतक या शतक बनाए थे तब उन्होंने सैल्यूट सेलिब्रेशन किया था. इसके जरिए उन्होंने पिता का सम्मान किया था.
जुरेल ने कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में 177 गेंद का सामना करते हुए 115 रन की पारी खेली. यह उनका दूसरा टेस्ट शतक रहा. उन्होंने नौ चौके और दो छक्के लगाए. उन्हें 99 से 100 रन तक पहुंचने में जूझना पड़ा. इस दौरान 13 गेंद खेली. जिस रन से शतक पूरा हुआ था उसमें वह बाल-बाल बचे नहीं तो रन आउट हो जाते.
जुरेल ने शतक के लिए भागे गए रन की बताई कहानी
इस बारे में पूछे जाने पर जुरेल ने कहा, तो ऐसा हुआ कि 99 रन तक मुझे रन मिल रहे थे और 99 पर पहुंचने के बाद उसने (असिता फर्नान्डो) ने अच्छी लैंथ पर बॉलिंग करना शुरू कर दिया और श्रीलंका की फील्डिंग भी ठीक हो गई. इसलिए जब वह शॉट खेला तो वह गेंदबाज के सिर के ऊपर से जा रहा था और मैंने सोचा कि वहां पर गैप है. लेकिन जब फील्डर को पास आते हुए देखा तो विचार आया कि यह मैंने क्या कर दिया.
जुरेल ने जैसे ही शतक पूरा किया वैसे ही उनके साथ बैटिंग कर रहे मोहम्मद सिराज ने जबरदस्त जश्न मनाया. सिराज ने 29 गेंद खेली और जुरेल को शतक पूरा करने में मदद की.
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