क्या पडिक्कल के आने से साई सुदर्शन अब टेस्ट टीम इंडिया में वापसी नहीं कर सकेंगे ? आंकड़ों ने खोली पोल

भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतक लगाकर साई सुदर्शन के लिए टीम में जगह को लेकर बहस तेज कर दी है. पडिक्कल ने 131 रन की नाबाद पारी खेलकर नंबर तीन पर अपनी दावेदारी मजबूत की.

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Sai Sudarshan and Devdutt Padikkal

साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल

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देवदत्त पडिक्कल ने 131 रन की नाबाद पारी खेली

पडिक्कल ने नंबर तीन पर अपनी दावेदारी मजबूत की

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल के मैदान पर पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इस मैच में टीम इंडिया के लिए देवदत्त पडिक्कल ने 131 रन की नाबाद शतकीय पारी खेल डाली. उनको साल 2024 के बाद टेस्ट टीम इंडिया के लिए कोई मैच खेलने का मौका मिला, जिसे दोनों हाथों से भुनाया. पडिक्कल की बैटिंग देखने के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि साई सुदर्शन का अब क्या होगा. क्या वो वापसी कर सकेंगे? इन सवालों के जवाब तो आने वाले समय में मिलेंगे, लेकिन साई और पडिक्कल के आंकड़ों ने जरूर संकेत दे दिए हैं.

साई सुदर्शन का बल्ला इंग्लैंड में रहा खामोश 

सबसे पहले साई सुदर्शन की बात करें तो उन्होंने भारत के लिए साल 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान डेब्यू किया. साई तब से लेकर अभी तक भारत के लिए सात मैच खेल चुके हैं और उनके नाम 31.91 की औसत से सिर्फ तीन फिफ्टी दर्ज हैं, जबकि एक शतक भी अभी तक नहीं लगा सके हैं. इतना ही नहीं, साई का औसत भी 31.91 का ही रहा है. साई को शरीर के अंदर आती गेंदों से इंग्लैंड के गेंदबाजों ने काफी परेशान किया था. साई ने घर से बाहर तीन टेस्ट खेले और उनके नाम सिर्फ 140 रन दर्ज हैं. जबकि घर में चार टेस्ट खेले और उनके नाम 40.5 की औसत से 243 रन ही हैं.

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देवदत्त पडिक्कल ऑस्ट्रेलिया में रहे थे फ्लॉप 

अब देवदत्त पडिक्कल की बात करें तो उनकी शुरुआत भारत के लिए कुछ खास नहीं रही थी. सात मार्च 2024 को धर्मशाला के मैदान पर डेब्यू पारी में उन्होंने 65 रन बनाए. इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर पर्थ के मैदान पर वो 0 और 25 रन की ही पारियां खेल सके थे. इस तरह शुरुआती तीन पारियों में एक फिफ्टी के बाद पडिक्कल को साइडलाइन कर दिया गया. जिसके बाद अब उन्होंने वापसी की और गॉल के मैदान पर 131 रन की पारी से वापसी का बिगुल बजा दिया है. पडिक्कल के नाम अब चार पारियों में 65.66 की औसत से एक शतक और एक फिफ्टी सहित 197 रन हो चुके हैं. पडिक्कल का औसत इस बार का संकेत देता है कि वो नंबर तीन पर भारत के लिए भविष्य में काफी लंबा खेलने की काबिलियत रखते हैं. हालांकि, पडिक्कल और साई की असली अग्निपरीक्षा टीम इंडिया के इसी साल होने वाले आगे न्यूजीलैंड दौरे पर होगी, जहां भारत को नवंबर माह में दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है.

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