भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों की फिटनेस, चोटों और चयन प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। समय पर रिव्यू मीटिंग न होने के कारण टीम की तैयारियों और फैसलों में स्पष्टता की कमी दिखाई दे रही है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और मेडिकल स्टाफ की भूमिका पर भी चर्चा हो रही है, जहां खिलाड़ियों की फिटनेस स्थिति को लेकर सही समय पर कदम नहीं उठाए गए। टीम प्रबंधन, चयनकर्ताओं और बोर्ड के बीच तालमेल की कमी से भारतीय क्रिकेट के प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है। लगातार मिल रही हार और खराब फैसलों के चलते हर स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है। खिलाड़ियों पर बढ़ता मानसिक दबाव और आखिरी समय पर विकल्प तलाशने की मजबूरी टीम की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
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