भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस, लगातार लगने वाली चोटों और प्रबंधन की जवाबदेही पर गंभीर चर्चा की गई। इसमें खिलाड़ियों की चोट से वापसी के लिए बीसीसीआई की नीतियों को सख्ती से लागू करने, तेज गेंदबाजों के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने की अनिवार्यता और फिटनेस मानकों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके अलावा, प्रशासनिक स्तर पर सुधारों और टीम प्रबंधन के फैसलों में पारदर्शिता लाने पर बात हुई।
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