वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट में आगाज उम्मीदों के मुताबिक नहीं कर पाए थे. मुश्किल शुरुआत के बाद सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में अर्धशतक जड़कर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड दिया, जिसके बाद उनका कहना है कि इंटरनेशनल लेवल पर करियर की पहली हाफ सेंचुरी ने उन्हें जरूरी कॉन्फिडेंस दिया है.
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15 साल के विस्फोटक बल्लेबाज सूर्यवंशी ने बीते दिन हरारे में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ पहले T20I मैच में 18 गेंदों पर हाफ-सेंचुरी लगाई.वह पुरुषों के इंटरनेशनल क्रिकेट में हाफ-सेंचुरी लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं.सूर्यवंशी अपनी शुरुआती तीन T20I पारियों में कुल 42 रन ही बना पाए थे. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 10 गेंदों पर 14, पांच गेंदों पर 13 और 10 गेंदों पर 15 रन बनाए थे.
आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए अहम
जिम्बाब्वे के ख़िलाफ भारत को सात विकेट से जीत दिलाने और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त दिलाने में मदद करने के बाद सूर्यवंशी ने कहा कि यह पारी उनके इंटरनेशनल सफर की शुरुआत में उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी. BCCI के पोस्ट किए गए एक वीडियो में सूर्यवंशी ने कहा कि जब आप अपने करियर की शुरुआत में होते हैं और आपको ऐसी पारी खेलने को मिलती है, तो इससे अगले मैचों के लिए आपका आत्मविश्वास बढ़ता है. उन्हें ऐसा लगा कि वह अपनी लय में थे और उन्होंने अपनी ताकत पर भरोसा किया.
सचिन का तोड़ा रिकॉर्ड
15 साल और 118 दिन की उम्र में सूर्यवंशी ने सचिन तेंदुलकर का लंबे समय से चला आ रहा रिकॉर्ड तोड़ दिया.भारतीय बैटिंग के दिग्गज सचिन तेंदुलकर 16 साल और 213 दिन के थे, जब उन्होंने 1989 में फैसलाबाद टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ अपनी पहली इंटरनेशनल फिफ्टी लगाई थी.हरारे इस युवा खिलाड़ी के लिए एक खास यादगार जगह बन गई है. इस साल की शुरुआत में उन्होंने इसी मैदान पर 2026 अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में शानदार 175 रन बनाए थे. कुछ महीनों बाद वह उसी मैदान पर लौटे और एक और ऐसी पारी खेली, जिसने उनकी जबरदस्त काबिलियत को साबित किया.
हरारे में मिली कामयाबी के बावजूद सूर्यवंशी ने कहा कि वह किसी भी मैदान या मौके को हल्के में नहीं ले रहे हैं और जहां भी खेलते हैं, वहां अहम योगदान देने पर ध्यान देते हैं.उन्होंने कहा कि कुछ मैदान ऐसे होते हैं जहां रन बनाना पसंद होता है.वह इसे हल्के में नहीं ले रहे हैं. वह बस जहां भी मौका मिले खेलने, अपना बेस्ट देने, टीम में योगदान देने और अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं.
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