टीम इंडिया के खिलाफ जिम्बाब्वे को अपने घर में हार झेलनी पड़ी. जिम्बाब्वे के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों का जवाब नहीं दे सके. जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 125 रन ही बना सकी, तो वैभव सूर्यवंशी की ताबड़तोड़ पारी की बदौलत भारत ने आसान जीत दर्ज की. जबकि हार के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा का माथा घूम गया और उन्होंने अपनी टीम के खिलाड़ियों के बजाय पिच पर ही हार का ठीकरा फोड़ दिया.
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सिकंदर रजा ने क्या कहा?
दरअसल, टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर जब से कप्तान बने हैं, तब से वह टॉस हारे नहीं हैं. अय्यर ने लगातार आठवें मैच में टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया. शुरुआत में पिच से टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मयंक यादव और प्रिंस यादव को मदद मिली, जिससे जिम्बाब्वे के बल्लेबाज खुलकर खेल नहीं सके. इस तरह टीम इंडिया से हार के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा कि पिच उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और सुबह के सेशन में नमी का असर देखने को मिला. शुरुआत में बाउंड्री नहीं लगी, तो गेंद नई बनी रही और विकेट गिरते चले गए.
मयंक और प्रिंस ने कितने विकेट लिए?
सिकंदर रजा के बयान से साफ है कि पिच से भारतीय तेज गेंदबाजों को मदद मिली और मयंक यादव ने दो साल बाद वापसी करते हुए पहली गेंद पर विकेट निकाल दिया. इसके चलते भारत के लिए किसी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की पहली गेंद पर दो बार विकेट लेने वाले वह चौथे गेंदबाज बने. मयंक ने चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट झटके और उनके अलावा प्रिंस यादव ने भी चार ओवर में 19 रन देकर दो विकेट चटकाए. जिससे जिम्बाब्वे की टीम 125 रन ही बना सकी.
वैभव की वर्ल्ड रिकॉर्ड पारी से उड़ी जिम्बाब्वे, श्रेयस अय्यर को मिली पहली जीत
भारत को मिली पहली जीत
जिम्बाब्वे के खिलाफ 126 रन का चेज करने उतरी टीम इंडिया के लिए सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 19 गेंदों में चार चौके और चार छक्कों की मदद से 50 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली. जिसके चलते 15 साल 118 दिन की उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय में फिफ्टी जड़ने वाले वह दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए. वैभव की पारी से मैच आसान हो गया और भारत ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में छह टी20 मैचों में हार के बाद पहली जीत का स्वाद चखा.
वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 18 गेंद में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, कोहली को भी छोड़ा पीछे
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