करियर में चौथी बार और 2481 द‍िनों में पहली बार, विराट कोहली ODI में गोल्डन डक पर आउट, कौन हैं सबसे ज्यादा बार जीरो पर विकेट गंवाने वाले भारतीय बल्लेबाज

विराट कोहली वेस्ट इंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के तीसरे और आखिरी वनडे में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरे, लेकिन वह अपना खाता भी नहीं खोल पाए.

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किरण सिंह

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विराट कोहली तीसरे वनडे में क्लीन बोल्ड हो गए (PC: Getty)

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विराट कोहली वेस्ट इंडीज के ख‍िलाफ तीसरे वनडे में गोल्डन डक पर आउट हुए.

कोहली अपने वनडे करियर में कुल चार बार गोल्डन डक पर आउट हुए

भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली शनिवार (3 अक्टूबर) को न्यू चंडीगढ़ में वेस्ट इंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के तीसरे और आखिरी वनडे में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरे, लेकिन वह अपना खाता भी नहीं खोल पाए. दिल्ली के इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने रविवार (27 सितंबर) को तिरुवनंतपुरम में सीरीज के पहले मैच में शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम के लिए नाबाद शतक लगाया था, लेकिन इस मैच में तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने उन्हें मैच के तीसरे ओवर की चौथी गेंद पर बोल्ड कर दिया. शनिवार को कोहली का 'गोल्डन डक' (पहली ही गेंद पर आउट होना) उनके वनडे करियर का चौथा गोल्डन डक था और 18 दिसंबर 2019 को विशाखापत्तनम में वेस्ट इंडीज के खिलाफ मैच के बाद यह पहली बार था. उस मैच में कायरन पोलार्ड ने उन्हें गोल्डन डक पर आउट किया था. यानी कोहली 2481 द‍िनों के बाद वनडे में पहली बार पहली गेंद पर आउट हुए हैं.  

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कोहली को सबसे पहले किसने किया गोल्डन डक पर आउट?

 

वेस्ट इंडीज के पूर्व कप्तान और मौजूदा हेड कोच डैरेन सैमी वनडे में कोहली को 'गोल्डन डक' (पहली ही गेंद पर आउट) पर आउट करने वाले पहले गेंदबाज थे. उन्होंने यह कारनामा 11 जून 2011 को नॉर्थ साउंड में भारत और वेस्ट इंडीज के बीच खेले गए वनडे मैच में किया था. 27 जनवरी, 2013 को इंग्लैंड के तेज गेंदबाज टिम ब्रेसनन ने भी कोहली का विकेट 'फर्स्ट-बॉल डक' (पहली गेंद पर आउट) के तौर पर लिया था. 

गेंदबाज विपक्षी टीम वेन्यू तारीख
डैरेन सैमी वेस्ट इंडीज नॉर्थ साउंड June 11, 2011
टिम ब्रेसनन इंग्लैंड धर्मशाला January 27, 2013
कायरन पोलार्ड वेस्ट इंडीज विशाखापत्तनम December 18, 2019
जेडेन सील्स वेस्ट इंडीज न्यू चंडीगढ़ October 3, 2026

 

वेस्ट इंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में कोहली का शून्य पर आउट होना, वनडे में उनका 19वां शून्य स्कोर था. वनडे में सबसे ज़्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय बल्लेबाजों की लिस्ट में कोहली सिर्फ सचिन तेंदुलकर से पीछे हैं. तेंदुलकर ने 1989 से 2012 के बीच भारत के लिए 463 वनडे मैच खेले और 20 बार शून्य पर आउट हुए, जबकि कोहली ने 317 मैचों में 19 बार शून्य का स्कोर बनाया है. पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ ने भी 'मेन इन ब्लू' के लिए अपने वनडे करियर का समापन 19 बार शून्य पर आउट होकर किया था. 

वनडे में भारत के लिए सबसे ज़्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ी

खिलाड़ी मैच रन डक
सचिन तेंदुलकर 463 18426 20
विराट कोहली 317 15109 19
जवागल श्रीनाथ 229 883 19
अनिल कुंबले 269 903 18
युवराज सिंह 301 8609 18
हरभजन सिंह 234 1213 17

 

वनडे में सबसे ज़्यादा बार डक होने का वर्ल्ड रिकॉर्ड


वनडे में सबसे ज़्यादा बार जीरो पर आउट होने का वर्ल्ड रिकॉर्ड श्रीलंका के पूर्व ओपनर और कप्तान सनथ जयसूर्या के नाम है. जयसूर्या ने अपने 22 साल के वनडे करियर में 445 मैचों में 34 बार बिना कोई रन बनाए आउट हुए. तीसरे वनडे मैच में कोहली को आउट करने से पहले सील्स ने भारत के कप्तान शुभमन गिल का भी विकेट लिया था. गिल जिन्होंने दूसरे वनडे में नाबाद दोहरा शतक लगाकर भारत को 406 रनों का लक्ष्य हासिल करने में मदद की थी, तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर शाई होप के हाथों कैच आउट हो गए. शनिवार को भारतीय कप्तान छह गेंदों पर सिर्फ़ एक रन ही बना पाए. 

वनडे में सबसे ज़्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ी

खिलाड़ी टीमें मैच रन डक
सनथ जयसूर्या श्रीलंका, एशिया 445 13430 34
शाहिद अफरीदी पाकिस्तान, ICC, एशिया 398 8064 30
महेला जयवर्धने श्रीलंका, एशिया 448 12650 28
वसीम अकरम पाकिस्तान 356 3717 28
लसिथ मलिंगा श्रीलंका 226 567 26
क्रिस गेल वेस्ट इंडीज, ICC 301 10480 25
मुथैया मुरलीधरन श्रीलंका, ICC, एशिया 350 674 25
चमिंडा वास श्रीलंका, एशिया 322 2025 25

 

दूसरे वनडे में बड़ी जीत

दूसरे वनडे में भारत ने जिस तरह रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा किया था, उसे देखते हुए तीसरे वनडे में शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरना वाकई हैरान करने वाला था.  405 रनों का पीछा करते हुए भारत ने सिर्फ 43.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और सिर्फ दो विकेट गंवाए थे. इस जीत में शुभमन गिल ने दोहरा शतक लगाकर अहम भूमिका निभाई. पहले वनडे में भी भारत ने सिर्फ़ 41.4 ओवर में 295 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया था और सिर्फ दो विकेट गंवाए थे. यानी इससे पहले के दो मैचों में भारत ने कुल 706 रन बनाए थे और सिर्फ़ चार विकेट गंवाए थे. ऐसे में सितारों से सजी भारतीय टीम का सिर्फ़ तीन रन पर दो विकेट गिर जाना वाकई चौंकाने वाला था. 

मिडिल ऑर्डर को परखने का मौका


हालांकि शुरुआती झटके ने भारत को अपने अब तक ना आजमाए गए मिडिल ऑर्डर को परखने का अच्छा मौका दिया है. इस वनडे सीरीज़ में ऋतुराज गायकवाड़ को अब तक ज़्यादा कुछ करने का मौका नहीं मिला है और यह मैच उन्हें अपनी काबिलियत साबित करने का सही मौका था. साथ ही, केएल राहुल, नितीश रेड्डी और नमन धीर जैसे बल्लेबाजों को भी खेलने का मौका मिला. शुरुआती झटके के बावजूद भारत के मिडिल ऑर्डर के लिए एक अच्छे टेस्ट की तरह था. भारत ने रोहित शर्मा के 92 रन, केएल राहुल के 129 रन, ऋतुराज गायकवाड़ के 57 रन और नमन धीर के 30 रन की बदौलत 50 ओवर में सात विकेट पर 351 रन बनाए. वेस्ट इंडीज ने शेप होप की 162 रन की तूफानी पारी की बदौलत  48.2 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 352 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया. 

भारत के सामने अगली चुनौती 

शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम इंडिया ने वेस्ट इंडीज के ख‍िलाफ तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली है और भारत पांच मैचों की टी20 सीरीज में वेस्ट इंडीज का सामना करेगी. दोनों के बीच यह सीरीज छह से 17 अक्टूबर के बीच खेली जाएगी. श्रेयस अय्यर टीम की अगुआई करेंगे, जिनकी कप्तानी में टीम ने बीते द‍िन पाकिस्तान को रोमांचक फाइनल में 19 रन से हराकर एश‍ियन गेम्स में गोल्ड जीता. भारतीय टीम ने एश‍ियन गेम्स में अपना ख‍िताब बरकरार है. अब अय्यर वेस्ट इंडीज की चुनौती का सामना करेंगे. सीरीज का पहला मैच लखनऊ में खेला जाएगा. 

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