Rohit Sharma Retirement Debate Ends Now : गौतम गंभीर की कोचिंग और शुभमन गिल की कप्तानी वाली वनडे टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ा मिशन वर्ल्ड कप 2027 है. इस ट्रॉफी को जीतने के लिए टीम इंडिया का मैनेजमेंट हर एक छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा कदम उठाने को तैयार है. जिसके चलते टीम इंडिया जब इंग्लैंड दौरे पर थी तो रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की खबर ने तूल पकड़ा और उनके लिए बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया को सामने आना पड़ा कि रोहित कहीं नहीं जाने वाले और जैसे खेल रहे हैं, खेलते रहेंगे. बोर्ड की तरफ से आए इस बयान के बाद से क्रिकेट फैंस को राहत मिली कि रोहित शर्मा अब कहीं नहीं जाने वाले. रोहित को उनकी बढ़ती उम्र और उनके खामोश बल्ले के चलते निकालने का प्लान तैयार हो गया था, लेकिन लॉर्ड्स वनडे में शतक और उसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 225 रन व फिर से शतक ठोककर उन्होंने दिखा दिया कि उनको बाहर करना किसी के बस की बात नहीं और जब बल्ला जवाब देता है तो लोगों के मुंह अपने आप बंद हो जाते हैं. हिटमैन ने बीते चार वनडे में दो शतक जड़कर सभी को ये कहने (संन्यास ले लो रोहित शर्मा!) से अब चुप करा दिया है.
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रोहित का कब आया था बुरा दौर?
39 साल के हो चुके रोहित शर्मा की बात करें तो वह हर हाल में 40 साल की उम्र में वनडे वर्ल्ड कप 2027 भारत के लिए खेलना चाहते हैं. लेकिन अक्टूबर 2025 में जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी के मैदान पर शतक जड़ा तो उसके बाद कुछ खास नहीं कर पा रहे थे. रोहित ने सिडनी में शतक जड़ने के बाद भारत के लिए 11 वनडे मैच खेले और उनके बल्ले से सिर्फ तीन बार ही फिफ्टी प्लस की पारी आई थी. रोहित ने एक बार 57, तो एक बार 75 और 79 रन बनाए थे. बाकी सबमें रोहित जल्दी आउट हो जा रहे थे. रोहित की गिरती फॉर्म को लेकर उनकी जगह युवा खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल को सेट करने का प्लान बनाया गया. जायसवाल ने इस बीच जब मौका मिला तो शतक भी जड़ा, लेकिन रोहित के कदमों को भरना उनके लिए दूर की बात थी.
रोहित को लेकर क्यों उठी रिटायरमेंट की बात?
टीम इंडिया जब आईपीएल 2026 सीजन के बाद इंग्लैंड दौरे पर गई तो वहां पर तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जानी थी. इस सीरीज के पहले दो मैचों में रोहित 11 और 26 रन की ही पारियां खेल सके थे. जिसके बाद सीरीज का तीसरा वनडे मैच लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जाना था. अब लॉर्ड्स में होने वाले सीरीज के अंतिम मैच को ही रोहित के वनडे करियर का आखिरी मैच बताया जाने लगा और मीडिया में रिपोर्ट सामने आई कि रोहित शर्मा लॉर्ड्स वनडे के बाद रिटायरमेंट ले लेंगे. सूत्रों से ये भी पता चला कि टीम इंडिया के सेलेक्टर्स और मैनेजमेंट इस बात का फैसला कर चुके हैं कि रोहित की जगह किसी युवा खिलाड़ी को अब मौका दिया जाएगा और रोहित को भी इस बात की जानकारी दी गई. तमाम सूत्रों से जानकारी निकलकर सामने आई थी कि सेलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष अजीत अगरकर और मैनेजमेंट व बोर्ड के कुछ मेंबर ने रोहित को वर्ल्ड कप 2027 से दूर करने का प्लान बना लिया था.
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रोहित ने शतक से दिया जवाब
जब मीडिया के जरिए रोहित के रिटायरमेंट की खबर सामने आई तो चारों तरफ आग सी लग गई. जिसमें जल्द से जल्द पानी डालने का काम बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने किया. सैकिया ने रोहित को लेकर सब कुछ साफ कर दिया कि वो कहीं नहीं जाने वाले हैं, तो इस बात से माना जा रहा है कि अजीत अगरकर नाराज हो गए थे. जबकि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स वनडे में बल्ले से 138 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलकर सबको करारा जवाब भी दे दिया था कि उनके अंदर इस फॉर्मेट को लेकर काफी कुछ बाकी है.
अजीत अगरकर की नौकरी रोहित के चलते गई?
रोहित शर्मा के रिटायरमेंट का तूल लॉर्ड्स वनडे से पहले उठा और फिर शतक के साथ समाप्त भी हो गया. लेकिन इसके बाद कहानी में अजीत अगरकर विलेन की तरह नजर आए. तमाम खबरों से बात निकलकर सामने आई कि अगरकर से बोर्ड के कुछ मेंबर खुश नहीं हैं और सभी एक पक्ष में नहीं हैं. जबकि अगरकर खुद रोहित वाले मामले पर बोर्ड से नाराज हो गए. इसके चलते टीम इंडिया की सेलेक्शन कमेटी के प्रमुख अजीत अगरकर की नौकरी तक पर बात आ गई. अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट साल 2023 से लेकर साल 2026 के सितंबर माह तक था और इसे अभी तक बोर्ड ने बढ़ाया नहीं है. माना जा रहा है कि अगरकर ने खुद सेलेक्टर पद पर बने रहने से मना कर दिया है. इसके चलते साल 2027 वनडे वर्ल्ड कप वाली टीम का चयन वो नहीं कर सकेंगे और उनकी जगह पार्थिव पटेल को जल्द ही भारत का अगला सेलेक्टर नियुक्त किया जा सकता है.
सचिन तेंदुलकर जैसी विदाई चाहते हैं रोहित शर्मा
बीते कुछ माह में संन्यास की अटकलों और सेलेक्टर्स के साथ चलते विवाद के बीच रोहित शर्मा ने अपना फोकस क्रिकेट से हटने नहीं दिया. इंग्लैंड दौरे से लौटने के बाद अब वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में रोहित फिर से मैदान पर वापस आए. उनके सामने वही चैलेंज था कि वो खुद को 2027 वर्ल्ड कप के लिए सबके सामने साबित करके दिखाना चाहते हैं. रोहित ने वैसा ही किया और वेस्टइंडीज के सामने तीन मैचों में 32, 101 और 92 रन की पारियां खेलकर 225 रन 75 की औसत से बनाए और सीरीज में सबसे अधिक रन बनाने वाले बैटर्स में शुमार रहे. 39 साल की उम्र में रोहित ने अब बल्ले से दिखा दिया कि उनके अंदर वनडे क्रिकेट को लेकर वही जोश और जुनून जिंदा है, जैसा साल 2007 में डेब्यू करने वाले रोहित के अंदर था. भारत के लिए 290 वनडे खेल चुके रोहित 12 हजार से अधिक रन बना चुके हैं, लेकिन अभी तक वर्ल्ड कप की ट्रॉफी नहीं जीत सके हैं. इसके चलते अब वो साउथ अफ्रीका में अगले साल वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पहली बार चूमकर ठीक उसी तरह विदाई लेना चाहेंगे, जैसे साल 2011 में अपने करियर के आखिरी पड़ाव में सचिन तेंदुलकर ने वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी मुंबई के मैदान में चूमकर क्रिकेट को बाद में अलविदा कह दिया था.
रोहित शर्मा के होने से कौन-कौन से खिलाड़ी बैठेंगे बेंच पर?
अब रोहित शर्मा ने फिर से फॉर्म हासिल करके वर्ल्ड कप 2027 के लिए काफी कुछ साबित कर दिया है तो युवा खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल का वनडे वर्ल्ड कप खेलने का सपना धरा रह सकता है. जायसवाल को बैकअप ओपनर के तौर पर वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज में शामिल किया गया था, लेकिन एक भी मैच में उनको मौका नहीं दिया जाना इस बात का संकेत है कि मैनेजमेंट अब रोहित के साथ ही आगे जाना चाहता है. जिसके चलते रोहित को अधिक से अधिक गेम टाइम दिया जा रहा है. वहीं जायसवाल के साथ-साथ ईशान किशन भी बैकअप ओपनर के तौर पर वनडे क्रिकेट में हो सकते हैं. लेकिन रोहित के होने के चलते ईशान किशन की भी वनडे टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह नजर नहीं आ रही है, क्योंकि मिडिल ऑर्डर में श्रेयस अय्यर पक्के हैं तो विकेटकीपर के तौर पर केएल राहुल ने जगह सीमेंट कर रखी है.
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