रवींद्र जडेजा ने आठ मैचों के बाद ही चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी छोड़ दी. उन्हें आईपीएल 2022 से ठीक पहले यह जिम्मेदारी मिली थी. अब फिर से महेंद्र सिंह धोनी ही सीएसके की कप्तानी संभालेंगे. सीएसके की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जडेजा ने अपने खेल पर ध्यान देने के लिए यह कदम उठाया. लेकिन सवाल यह है कि क्या जडेजा को जल्दबाजी में कप्तानी सौंप दी गई थी. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, ''धोनी के बाद सुरेश रैना कप्तान के तौर पर देखे जा रहे थे. लेकिन उनकी फॉर्म चली गई और वे पीछे हो गए. इन हालात में ज्यादा विकल्प नहीं थे. सुरेश रैना को सीएसके ने आईपीएल 2022 के ऑक्शन में नहीं लिया था. बाद में किसी भी टीम ने उन्हें नहीं लिया.''
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एक आईपीएल इनसाइडर ने पीटीआई को बताया, ''आदर्श स्थिति में रैना ही धोनी के उत्तराधिकारी थे. जब भी धोनी को चोट लगती तो वे ही कमान संभालते थे. लेकिन जब उनकी फॉर्म चली गई तो उन्हें रिलीज कर दिया गया. फिर सीएसके के पास नेतृत्व की दूसरी लाइन में कोई नहीं था. यह भी एक तथ्य है कि जडेजा ने केवल एक बार सौराष्ट्र की कप्तानी की है और वह भी जूनियर लेवल पर 14 साल पहले.''
दूसरे खिलाड़ी से कप्तानी के लिए हुई थी बात
पीटीआई के अनुसार, भारत के एक बड़े खिलाड़ी से सीएसके ने धोनी के साथ जॉइंट कप्तानी करने के ऑफर के साथ बात की थी. लेकिन उस खिलाड़ी ने मना कर दिया. वह अभी दूसरी टीम की कप्तानी कर रहे हैं. उन्हें पता था कि अगर टीम नाकाम रही तो दोष उन पर जाएगा और जीती तो धोनी की वाहवाही होगी.
धोनी के बिना सीएसके में कुछ नहीं होता
बीसीसीआई के एक इनसाइडर ने पीटीआई से कहा, ''देखिए सीएसके में बिना धोनी की अनुमति के कुछ नहीं होता. जब भी क्रिकेट से जुड़े मसलों की बात आती है तो उस टीम में पहला, दूसरा, तीसरा और आखिरी शब्द उनके ही होते हैं. फिर चाहे जो कप्तान हो. यदि सीएसके ने धोनी के कप्तानी से हटने के बारे में दो महीने पहले ही बता दिया होता तो टीम के संभावित स्पॉन्सर्स घट सकते थे. एक बार जब स्पॉन्सर तय हो गए तब ऐलान करना आसान था.''
सीएसके अभी नौवे नंबर पर है और उसका प्लेऑफ में जाना काफी मुश्किल लग रहा है. अब देखना होगा कि धोनी के आने से सीएसके के भविष्य पर क्या असर पड़ता है.
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