अफ़गानिस्तान के सीनियर स्पिनर राशिद खान ने संकेत दिया है कि वह जून में भारत के खिलाफ होने वाला इकलौता टेस्ट मैच छोड़ सकते हैं. गुरुवार (9 अप्रैल) को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' रहे गुजरात टाइटंस के राशिद खान के जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह अपनी पीठ की पुरानी चोट की दिक्कतों के चलते 'आराम करना' चाहते हैं औ उनके डॉक्टर ने उन्हें 'रेड-बॉल क्रिकेट से दूर रहने' की सलाह दी है.
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राशिद को 2023 में पीठ की समस्या हुई थी, लेकिन उन्होंने 2023 ODI विश्व कप में अफ़गानिस्तान का प्रतिनिधित्व करने के लिए अपनी जरूरी सर्जरी टाल दी थी. टूर्नामेंट खत्म होने के तुरंत बाद उन्होंने सर्जरी करवाई, जिसके चलते वह कई महीनों तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से बाहर रहे. इस दौरान उन्हें फिर से चोट की समस्या हुई, जिससे उनकी वापसी में थोड़ी और देरी हुई. इससे उनके प्रदर्शन पर भी इसका असर पड़ा है. हालांकि कैपिटल्स के खिलाफ 3/17 का प्रदर्शन करते हुए वह अपने बेहतरीन फॉर्म में नजर आए.
रेड-बॉल क्रिकेट थोड़ा मुश्किल
राशिद ने रिकवरी, दोबारा चोटिल होने के डर को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट थोड़ा मुश्किल होता है. मेरे डॉक्टर ने मुझे इससे दूर रहने की सलाह दी थी. फिर भी अपनी सर्जरी के बाद मैंने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ एक मैच खेला और 67 ओवर गेंदबाजी की, जो कि सचमुच कमाल की बात थी. डॉक्टर ने मुझसे कहा कि अगर तुम क्रिकेट खेलना जारी नहीं रखना चाहते तो रेड-बॉल खेलते रहो, लेकिन मुझे अफगानिस्तान के लिए खेलना बहुत पसंद है. इसलिए मैं इस बारे में सोचूंगा.
अफगानिस्तान के लिए लंबे समय तक खेलना चाहता हैं राशिद
राशिद ने कहा कि उन्हें व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना पसंद है और वह अफगानिस्तान के लिए लंबे समय तक ये मैच खेलना चाहता हैं, लेकिन मुझे इस बात का ध्यान रखना होगा कि वह कितने मैच खेलते हैं और खुद पर ज़्यादा बोझ न डाले. रेड-बॉल क्रिकेट उनके लिए मुश्किल लगता है. शायद साल में एक टेस्ट वह खेल सकते हैं,लेकिन उससे ज़्यादा उन्हें नहीं लगता.
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