महान भारतीय स्पिनर अनिल कुंबले का मानना है कि एमएस धोनी रविवार को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स के IPL 2026 मैच से पहले पूरी तरह फिट होने के लिए पर्दे के पीछे कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि टीम की जीत की लय को बनाए रखने के लिए शायद वह प्लेइंग XI से बाहर ही रहे. धोनी पिंडली की चोट के कारण इस सीजन में अभी तक एक भी मैच नहीं खेले हैं.
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स्टार स्पोर्ट्स पर बात करते हुए कुंबले ने कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स की परंपरा रही है कि वह हमेशा स्थिर कॉम्बिनेशन का समर्थन करती है और जो टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही होती है, उसमें शायद ही कभी कोई बदलाव करती है. कुंबले ने कहा कि चेन्नई एक ऐसी टीम है, जिसे अपनी जीत का सिलसिला टूटना पसंद नहीं है. वे अपनी विनिंग कॉम्बिनेशन में ज़्यादा बदलाव नहीं करते और अपने खिलाड़ियों का साथ देने में विश्वास रखते हैं.
कब होगी धोनी की वापसी ?
कुंबले ने यह भी बताया कि धोनी प्रैक्टिस सेशन के दौरान काफी एक्टिव रहे हैं, खासकर विकेटकीपिंग की ड्रिल में, ऐसा कुछ जो वह नेट्स में शायद ही कभी करते हैं. अब धोनी ने नेट्स में काफी बैटिंग की है. उन्होंने नेट सेशन में विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस भी की है, जो बहुत हैरानी की बात है क्योंकि वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो नेट्स में कभी विकेटकीपिंग नहीं करते.
कुंबले के अनुसार धोनी की ये कोशिशें दिखाती हैं कि वह पूरी तरह से मैच फिटनेस हासिल करने के लिए कितने पक्के इरादे वाले हैं. हालांकि वह शायद तब भी टीम में शामिल होने से बचेंगे, अगर इससे टीम का संतुलन बिगड़ने का खतरा हो. उन्होंने कहा कि धोनी ऐसा कर रहे हैं और पूरी तरह से मैच फ़िटनेस हासिल करने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अगर वह जरूरी फ़िटनेस लेवल हासिल कर भी लेते हैं, तो उन्हें लगता है कि वह प्लेइंग XI में नहीं आना चाहेंगे, क्योंकि चेन्नई अच्छा प्रदर्शन कर रही है. उन्होंने कहा कि वह टीम की लय और खिलाड़ियों के उस तालमेल को बिगाड़ने का जोखिम नहीं उठाएंगे, जिसकी मदद से टीम को जीत मिली है.
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