IPL 2026 के बीच बड़ी खबर, चिन्नास्वामी स्टेडियम का कैंटीन कर्मचारी गिरफ़्तार, KSCA मेंबर हुआ फरार

IPL ticket black marketing: चिन्नास्वामी स्टेडियम के एक कैंटीन कर्मचारी पर आरोप है कि उसने हाल में हुए मैचों के दौरान 100 से ज़्यादा IPL टिकटों को बढ़ी हुई कीमतों पर बेचा.

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चिन्नास्वामी स्टेडियम के कैंटीन कर्मचारी पर IPL टिकटों को ब्लैक में बेचने का आरोप. (PC: Getty)

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चिन्नास्वामी स्टेडियम के कैंटीन कर्मचारी पर IPL टिकटों को ब्लैक में बेचने का आरोप.

KSCA का एक सदस्य टिकटों की कालाबाजारी में फरार.

IPL 2026 के बीच इस लीग की टिकटों को लेकर बड़ा भांडाफोड़ हुआ है.टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के एक कैंटीन कर्मचारी को गिरफ्तार किया है.उस पर आरोप है कि उसने हाल में हुए मैचों के दौरान 100 से ज़्यादा IPL टिकटों को बढ़ी हुई कीमतों पर बेचा. न्यूज 18 के अनुसार आरोपी की पहचान चंद्रशेखर के रूप में हुई है. वह स्टेडियम के अंदर श्री लक्ष्मी कैंटीन में काम करता था और उसे कथित तौर पर ब्लैक मार्केट में टिकट बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया.  पुलिस के अनुसार वह हर टिकट 15000 से 19,000 रुपये के बीच बेच रहा था, जो कि टिकट की असली कीमत से काफ़ी ज़्यादा है. 

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जांच में पता चला कि चंद्रशेखर ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच 28 मार्च को हुए मैच के IPL टिकट बेचे थे.साथ ही RCB और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच हुए मैच के टिकट भी बेचे थे.पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास अलग-अलग सीटिंग कैटेगरी के टिकट थे और उसने कथित तौर पर मोबाइल फोन कॉल के जरिए सीधे खरीदारों से संपर्क करके इन टिकटों की अवैध बिक्री का इंतज़ाम किया था. 

KSCA सदस्य फरार

पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि टिकट KSCA के एक सदस्य गणेश परीक्षित ने दिए थे,जिसने कथित तौर पर उसे ये टिकट ज़्यादा कीमतों पर बेचने का निर्देश दिया था.पुलिस ने बताया कि गणेश परीक्षित फिलहाल फरार है और उसे ढूंढ़ने की कोशिशें जारी हैं. जांचकर्ताओं को शक है कि टिकट कॉर्पोरेट चैनलों के जरिए हासिल किए गए थे और फिर उन्हें ब्लैक मार्केट में दोबारा बेचने के लिए बिचौलियों तक पहुंचाया गया था. 

जांच का दायरा अब उन निजी कंपनियों तक भी बढ़ा दिया गया है, जिन पर टिकटों की अवैध रूप से दोबारा बिक्री में मदद करने का शक है. CCB ने कुछ कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिन पर कथित तौर पर टिकटों की हेराफेरी में मदद करने का आरोप है. अधिकारियों ने बताया कि टिकटों की दोबारा बिक्री अपने आप में गैर-कानूनी नहीं है, लेकिन ब्लैक मार्केट में उन्हें बढ़ी हुई कीमतों पर बेचना एक अपराध है.

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