दिल्ली कैपिटल्स के लिए अपने घरेलू मैदान पर वापसी एक बुरे सपने जैसी साबित हुई. बीते दिन अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली की बल्लेबाजी एक बार फिर बुरी तरह से लड़खड़ा गई. चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करने का उनका फैसला उल्टा पड़ गया और 11 ओवर के अंदर ही उनकी आधी टीम पवेलियन लौट गई. शुरुआती छह ओवरों में उनके औसत से भी कमजोर प्रदर्शन ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं, और इस सीजन में वे पावरप्ले में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली टीम बन गई है.
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दिल्ली कैपिटल्स ने पावरप्ले में दो विकेट गंवाए. इस सीजन में अब तक उन्होंने पहले छह ओवरों में 21 विकेट गंवाए हैं, जो किसी भी टीम द्वारा गंवाए गए सबसे ज़्यादा विकेट हैं. 23.85 की औसत, 8.35 के रन रेट और 46.4% डॉट बॉल्स के साथ वे पावरप्ले के चारों पैमानों पर सबसे खराब स्थिति में हैं.
इतिहास का सबसे खराब पावरप्ले स्कोर
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ अपने पिछले घरेलू मैच में दिल्ली कैपिटल्स को बैटिंग के मामले में एक बुरे सपने का सामना करना पड़ा और पावरप्ले के अंदर ही टीम 13 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे. अनुभवी खिलाड़ी भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने पूरी बैटिंग लाइनअप को तहस-नहस कर दिया था. यह आईपीएल के इतिहास का सबसे खराब पावरप्ले स्कोर था, जिसने 2022 में सनराइजर्स हैदराबाद के 14/3 के स्कोर को भी पीछे छोड़ दिया.
मुकाबले की बात करें तो पहले बैटिंग करते हुए अक्षर पटेल की अगुआई वाली दिल्ली ने सात विकेट पर 155 रन बनाए. समीर रिजवी ने सबसे ज्यादा नॉटआउट 40 रन और ट्रिस्टन स्टब्स ने 38 रन बनाए. चेन्नई ने दिल्ली के दिए 156 रन के लक्ष्य को 17.3 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 159 रन बनाकर आसानी से हासिल कर लिया. दिल्ली की यह इस सीजन की 10 मैचों में छठी हार है.
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