गुजरात टाइटंस के टॉप ऑर्डर को आईपीएल की कुछ अन्य टीम की तरह आक्रामक तेवर नहीं दिखाने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है, लेकिन सहायक कोच पार्थिव पटेल ने टीम की सोच में किसी भी बदलाव की संभावना से इनकार किया है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर होने वाले दूसरे चरण के मैच से पहले पार्थिव को याद दिलाया गया कि चिन्नास्वामी स्टेडियम में 13 ओवर से भी कम समय में 128 रन की सलामी साझेदारी के बावजूद टाइटन्स की टीम सिर्फ 205 रन ही बना पाई थी और फिर एक ओवर से अधिक शेष रहते मैच हार गई थी.
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ओपनर साई सुदर्शन 57 गेंद में शतक बनाने के लिए सवालों के घेरे में आ गए थे. आज के दौर में इसे धीमा माना जाता है, विशेषकर जब वैभव सूर्यवंशी, प्रियांश आर्य और अभिषेक शर्मा जैसे अन्य सलामी बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट देखते हैं. मैच से पहले भारत के पूर्व विकेटकीपर पार्थिव ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उन्हें कोई खास रणनीतिक बदलाव करने की जरूरत है. उन्हें लगता है कि वह जिस तरह से खेल रहे हैं और जिस तरह से मैच में उतर रहे हैं उससे वह काफी सहज हैं. जाहिर है क्रिकेट को किसी दूसरे ही अंदाज में खेलने को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन उन्हें लगता है कि वह उसी तरह से खेल रहे हैं जिस तरह से वह खेलना चाहते हैं.
मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों का बचाव
पार्थिव पटेल ने पावर हिटिंग की कमी पर मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों का बचाव किया. उन्होंने कहा कि भी देख सकते हैं कि उनका शीर्ष क्रम अधिकतर गेंदे खेल रहा है, लगभग 15वें या 16वें ओवर तक और जहां तक तैयारी की बात है वह यकीनन बता सकता हैं कि वह यह सुनिश्चित करते हैं कि वे अच्छी तरह से तैयार हों. उन्होंने कहा कि उनके पास यहां ऐसी सुविधाएं हैं, जहां वह ओपन नेट सत्र कर सकते हैं. जैसा कि उन्होंने कल अपने निचले मध्य क्रम या मध्य क्रम के साथ एक सत्र किया था.
पार्थिव ने कहा कि तो वह उन्हें जितना हो सके उतना मौका देने की कोशिश करते हैं. जैसा कि उन्होंने कहा वह एक ऐसी टीम हैं जो अपने पास मौजूद हर बल्लेबाज पर भरोसा करती है, चाहे कोई भी खेल रहा हो और उन्हें उन पर पूरा भरोसा है.
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