चेन्नई सुपर किंग्स का भले ही रविवार को कोई मैच न हो, मगर धर्मशाला में पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच होने वाले हाई-प्रेशर मुकाबले का नतीजा IPL 2026 के उसके आगे का सफर लगभग तय कर सकता है. लखनऊ सुपर जायंट्स के हाथों सात विकेट की करारी हार झेलने के बाद CSK पॉइंट्स टेबल पर 12 पॉइंट्स और +0.027 के नेट रन रेट के साथ छठे स्थान पर खिसक गई है. ऐसे में लीग स्टेज के आखिरी दौर में उनके पास अब गलती की गुंजाइश लगभग खत्म हो चुकी है.
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सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस के खिलाफ सिर्फ दो मैच बाकी होने के चलते चेन्नई के क्वालिफ़िकेशन की उम्मीदें अब दूसरे मैचों के नतीजों से और खास तौर पर PBKS और RCB मुकाबले से सीधे तौर पर जुड़ गई हैं.
बेंगलुरु की जीत से चेन्नई को फायदा
RCB की जीत चेन्नई के लिए सबसे फ़ायदेमंद होगी, क्योंकि इससे पंजाब रेस में उनसे नीचे रहेगा और CSK के क्वालिफिकेशन का समीकरण काफ़ी आसान हो जाएगा. अगर RCB जीत जाती है तो पंजाब 13 पॉइंट्स पर ही अटका रहेगा और उसे सिर्फ एक लीग मैच और खेलना होगा. इसका मतलब है कि PBKS ज़्यादा से ज़्यादा 15 पॉइंट्स तक ही पहुंच पाएगा. ऐसी स्थिति में CSK अपनी किस्मत पर पूरी तरह से खुद ही कंट्रोल कर पाएगी.
ऐसे में चेन्नई को अपने बचे हुए दोनों मैच जीतने होंगे. ऐसा होने पर वे 16 पॉइंट्स तक पहुंच जाएंगे और बिना नेट रन रेट के पेंच में फंसे अपने आप ही पंजाब को पीछे छोड़कर टॉप चार में जगह बना लेगी. RCB की जीत से मिड-टेबल में प्लेऑफ की दौड़ में चल रही गहमागहमी भी कम होगी, जिससे चेन्नई के लिए क्वालिफ़िकेशन का रास्ता और भी साफ हो जाएगा.
पंजाब की जीत से चेन्नई की राह मुश्किल
वहीं अगर पंजाब किंग्स जीत जाती है तो CSK पर दबाव काफी बढ़ जाएगा. अगर PBKS बेंगलुरु को हरा देती है तो उनके 15 पॉइंट्स हो जाएंगे और टॉप चार में उनकी स्थिति और मजबूत हो जाएगी. ऐसे में भले ही CSK अपने बचे हुए दोनों मैच जीतकर 16 पॉइंट्स पर पहुंच जाए. फिर भी क्वालिफ़िकेशन का फ़ैसला पंजाब, हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच एक कड़े नेट रन रेट मुक़ाबले से हो सकता है. चेन्नई के लिए सबसे बड़ा ख़तरा यह है कि अगर पंजाब जीत जाती है, तो उनकी कोई भी छोटी सी भी चूक उनके लिए भारी पड़ सकती है. अगर CSK अपने आख़िरी दो मैचों में से एक भी हार जाती है और 14 पॉइंट्स पर ही रह जाती है, तो प्लेऑफ में पहुंचने की उनकी उम्मीदें लगभग पूरी तरह से ख़त्म हो जाएगी.
पंजाब और बेंगलुरु के मैच के नतीजे की अहमियत के बावजूद चेन्नई के क्वालिफ़िकेशन का मूल समीकरण अब भी सीधा-सादा ही है कि उन्हें असल में अपने बचे हुए दोनों लीग मैच जीतने ही होंगे. LSG के हाथों मिली करारी हार से उनके नेट रन रेट को काफी नुकसान पहुंचा है. इसका मतलब है कि अगर वे 14 पॉइंट्स पर ही रह जाते हैं तो उन्हें क्वालिफ़ाई करने के लिए कई दूसरे मैचों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा और माना जा रहा है कि क्वालिफ़ाई करने की उनकी संभावना 35 प्रतिशत से भी कम है.
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