भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ आईपीएल के रोमांचक मैच में एक रन लेने से इनकार करने वाले दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज डेविड मिलर का बचाव करते हुए कहा कि उनकी मंशा में कमी नहीं निकाल सकते. जीत के लिये 211 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली को दो गेंद में दो रन की जरूरत थी, लेकिन आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर मिलर ने एक रन लेने से इनकार कर दिया. वह आखिरी गेंद पर चूके, लेकिन एक रन के लिये भागे और जोस बटलर के थ्रो पर कुलदीप यादव रन आउट हो गए. जिससे दिलली की टीम एक रन से हार गई.
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गावस्कर ने ‘जियो हाटस्टार’ से कहा कि डेविड मिलर बहुत अच्छा खेल रहे थे और उन्हें खुद पर भरोसा था कि वह मैच फिनिश करेंगे. उनकी मंशा में कमी नहीं निकाल सकते. प्रसिद्ध कृष्णा ने एक शानदार धीमा बाउंसर डाला जिसे वह खेल नहीं सके. दबाव के हालात में ऐसा हो जाता है. उन्होंने आगे कहा कि दबाव के हालात में मैच की स्थिति को लेकर चौकस रहना काफी अहम है, जो भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1986 में टाई रहे मैच में दिखाई थी.
एक रन लेकर स्कोर बराबर
1986 में चेन्नई में उस मैच में भारत 348 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहा था. शास्त्री ने नाबाद 48 रन बनाये और सही समय पर एक रन लेकर भारत को 347 रन तक पहुंचाया, जबकि आखिरी गेंद पर मनिंदर सिंह आउट हो गए. वह मैच ड्रॉ रहा. गावस्कर ने कहा कि इसी समय पर मैच के हालात को लेकर जागरूक रहना जरूरी है. मुझे इससे रवि शास्त्री का वह एक रन याद आता है, जो 1986 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने सही समय पर लेकर स्कोर बराबर कर दिया था. डेविड मिलर आखिर तक क्रीज पर टिके रहे थे. उन्होंने 20 गेंदों में नॉटआउट 41 रन बनाए थे. जिसमें तीन चौके और तीन छक्के लगाए.
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