आईपीएल 2026 सीजन अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर धीरे-धीरे बढ़ रहा है. वहीं देश पर आने वाले फ्यूल संकट को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिन पहले ही लोगों से अपील करते हुए कहा था कि कम से कम ईंधन का इस्तेमाल करें और हो सके तो वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें. इसी कड़ी में अब चेम्बर ऑफ ट्रेड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने केंद्रीय खेल मंत्री आदरणीय मनसुख मांडविया जी को एक पत्र लिखकर आईपीएल में खर्च होने वाले ईंधन पर प्रकाश डाला. उन्होंने मांग रखी कि आईपीएल को बिना दर्शकों के खेला जाए और इसका शेड्यूल ऐसा बनाया जाए, जिससे टीमों को ज्यादा ट्रैवल न करना पड़े.
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चेम्बर ऑफ ट्रेड इंडस्ट्री के चेयरमैन ने क्या कहा ?
चेम्बर ऑफ ट्रेड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल ने खेल मंत्री को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने संज्ञान दिलाया कि IPL में अब तक टीमों ने हवाई और सड़क मार्ग से करीब लाखों किलोमीटर की यात्रा तय कर ली होगी. जिस तरह से टीमों का शेड्यूल है और अलग-अलग शहरों में उनके मैच रखे गए हैं, उस लिहाज से यह ट्रैवल जायज है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में ये हवाई यात्राएं भारत सरकार पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं.
सीटीआई की मांग है कि हवाई यात्रा में कटौती करते हुए IPL के बचे हुए मैचों के लिए नया शेड्यूल जारी किया जाए और सीमित मैदानों पर बिना दर्शकों के बाकी मैच कराए जाएं. कोरोना काल में भी आयोजकों ने सीमित संख्या के मैदानों पर IPL का सफल आयोजन कराया था. इसके अलावा IPL के बाकी मैच बिना दर्शकों के भी कराए जा सकते हैं.
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एक उड़ान में कितने ईधन का इस्तेमाल होता है ?
सीटीआई ने आगे बताया कि एक मैच में औसतन करीब 50,000 दर्शक आते हैं, जिससे हजारों लीटर पेट्रोल और डीजल खर्च होता है. इसके अलावा हवाई यात्रा में इस्तेमाल होने वाले चार्टर्ड विमान, जैसे बोइंग 737 या एयरबस A320, औसतन लगभग 2400 से 3000 लीटर प्रति घंटा ईंधन खर्च करते हैं. इस हिसाब से यदि फ्लाइट लगभग 2 घंटे उड़ती है, तो अनुमानित खपत करीब 5000 से 6000 लीटर एविएशन फ्यूल (ATF) होती है. अगर विमान थोड़ा बड़ा हो या लंबी दूरी के लिए ज्यादा वजन लेकर उड़ रहा हो, तो यह आंकड़ा 7000 से 8000 लीटर तक भी जा सकता है. अब ईंधन के इस खर्च को टीमों की करीब 10 हवाई यात्राओं से गुणा कर दिया जाए, तो कहा जा सकता है कि हर टीम करीब 50,000 से 70,000 लीटर एविएशन फ्यूल खर्च कर रही है.
आईपीएल का कब होगा समापन ?
सीटीआई ने पत्र में इस तरह का पूरा डेटा इस्तेमाल करते हुए खेल मंत्री से गुहार लगाई है कि वह IPL की ओर ध्यान दें और इसको लेकर एक बड़ा कदम उठाएं. हालांकि IPL की बात करें तो 28 मार्च से इसका आगाज हुआ और फाइनल मुकाबला 31 मई को खेला जाना है. यानी अब केवल दो सप्ताह के मैच बाकी रह गए हैं. अगले रविवार यानी 24 मई के बाद प्लेऑफ के दो मैच एक ही मैदान न्यू चंडीगढ़ में होने हैं, जबकि एक मैच धर्मशाला में और फाइनल अहमदाबाद में खेला जाना है. इस लिहाज से देखा जाए तो करीब 90 प्रतिशत IPL समाप्त हो चुका है और उसका केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही बाकी रह गया है, इसलिए संभव है कि सरकार इसमें हस्तक्षेप न करे.
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