इशान किशन ने सनराइजर्स हैदराबाद को आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने 22 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ टीम के आखिरी लीग मैच में फिर से अर्धशतक लगाया. इससे हैदराबाद ने 255 रन का स्कोर खड़ा किया और आसान जीत हासिल की. पूर्व क्रिकेटर अंबाती रायडू का कहना है कि मुंबई इंडियंस में नहीं रहने से इशान किशन को करियर में आगे जाने में मदद मिली है. वह अब अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हुए हैं.
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इशान किशन आईपीएल 2026 में अभी तक 569 रन बना चुके हैं. यह उनका इस टूर्नामेंट के एक सीजन में सबसे अच्छा प्रदर्शन है. इससे पहले उन्होंने 2020 में मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हुए 516 रन बनाए थे. ये रन छह साल पहले आए थे. वे सात साल तक मुंबई का हिस्सा रहे. 2025 में हैदराबाद ने उन्हें ले लिया. रायडू खुद भी मुंबई इंडियंस का हिस्सा रहे हैं. वे 2009 से 2017 तक इस टीम के साथ थे और तीन बार आईपीएल जीते थे.
रायडू ने क्यों कहा मुंबई से निकलने से इशान किशन का फायदा हुआ
रायडू ने कहा कि जब वह मुंबई में थे तो उन्हें दिक्कत नहीं हुई क्योंकि वह स्टारडम की तरफ नहीं देखते थे. उन्होंने किशन के खेल के बारे में कहा, उसके (इशान) जैसे खिलाड़ी के लिए मुंबई जैसी फ्रेंचाइज में आगे बढ़ना- वह सुपरस्टार बनना चाहता है- वह अपने तरीके से सुपरस्टार है लेकिन अतीत में अपने आसपास मौजूद स्टार्स से प्रतिस्पर्धा करना उसके लिए बहुत, बहुत मुश्किल रहा होगा. वे लोग जानते हैं कि अपने खेल में कब बदलाव करना है, कब वापसी करनी है. लेकिन बहुत सारे नौजवान नहीं जानते कि किस तरह से स्विच ऑफ और ऑन होना है. यह बड़ी चुनौती है और मुझे भरोसा है कि उसने यह सीखा और बहुत कठिन तरीके से सीखा.
इशान किशन ने IPL 2026 में बनाए 6 फिफ्टी प्लस स्कोर
किशन इस सीजन ऑरेंज कैप की लिस्ट में पांचवें स्थान पर हैं. उन्होंने 40.64 की औसत और 178.36 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. इस सीजन वे छह बार 50 प्लस स्कोर बना चुके हैं. इससे पहले किसी सीजन में इस तरह के स्कोर तीन से ज्यादा नहीं थे. उन्होंने इस सीजन हैदराबाद की कप्तानी भी की थी. पैट कमिंस के नहीं रहने पर उन्हें यह जिम्मा मिला था.
झारखंड की कप्तानी करने से बदला किशन का खेल
मुंबई छोड़ने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स से खेलने वाले और वहां भी तीन आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाले रायडू ने आगे कहा कि इशान के शॉट सेलेक्शन में काफी सुधार हुआ है. शुरुआती सालों में वह गलत फैसले कर लेता था. झारखंड की कप्तानी करने से उसे अपने खेल के बारे में बहुत सारी चीजें पता चली हैं. कभीकभार कप्तानी मिलने पर लोगों का खेल बदल जाता है.
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