क्रुणाल पंड्या ने दिल्ली कैपिटल्स के हार के जख्मों पर छिड़का नमक, बोले- पिच में तो...

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जॉश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की कहर बरपाती बॉलिंग के बूते दिल्ली कैपिटल्स को 27 अप्रैल को नौ विकेट से मात दी. दिल्ली की टीम घर पर 75 रन पर ढेर हो गई. एक समय 8 रन पर उसके 6 विकेट गिर गए थे.

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Krunal Pandya

Krunal Pandya of RCB bowls during the 2025 IPL final match against Punjab Kings at Narendra Modi Stadium on June 03, 2025, in Ahmedabad, India.

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दिल्ली को हराकर आरसीबी की टीम के आठ मैच के बाद 12 अंक हो गए.

आरसीबी आईपीएल 2026 में डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर खेल रही है.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ नौ विकेट से जीत के बारे में कहा कि यह उनकी टीम के दमखम को दिखाती है. आरसीबी ने काबिलियत के साथ ही मानसिक तौर पर भी एक कदम आगे रहते हुए यह मुकाबला जीता. दिल्ली में खेले गए मैच में अक्षर पटेल की कप्तानी वाली टीम पावरप्ले में आठ रन पर छह विकेट गंवा चुकी थी. अंत में वह केवल 75 रन पर सिमट गई. आरसीबी ने 39 गेंद में लक्ष्य को हासिल कर लिया.

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क्रुणाल ने मैच के बाद कहा कि पिच में कोई समस्या नहीं थी. इस पर बैटिंग करना मुश्किल नहीं था. दिल्ली की बैटिंग का जो हाल हुआ वह जॉश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की योग्यता को दिखाता है. उन्होंने कहा, 'पावरप्ले में छह विकेट हासिल करना, इससे विरोधी टीम के हाथ से मैच पूरी तरह से चला गया. विकेट खराब नहीं था लेकिन यह पूरी तरह से दक्षता थी और यह बताता है कि क्यों वे दुनिया के सबसे कमाल गेंदबाजों में से एक हैं.'

क्रुणाल ने आरसीबी के अभियान पर बरती सावधानी

दिल्ली को हराकर आरसीबी की टीम के आठ मैच के बाद 12 अंक हो गए. इससे यह टीम अंक तालिका में दूसरे नंबर पर है. लेकिन टीम के जबरदस्त खेल के बाद भी क्रुणाल सावधान करते हैं. वे कहते हैं कि टीम टूर्नामेंट में अभी ज्यादा आगे के बारे में नहीं सोच रही.

क्रुणाल पंड्या ने किस तरह बदली बॉलिंग

क्रुणाल 2025 में आरसीबी का हिस्सा बनने के बाद से कमाल कर रहे हैं. उन्होंने बॉलिंग में काफी बदलाव किए हैं और इनके जरिए बल्लेबाजों को खूब तंग कर रहे हैं. उन्होंने इस बारे में कहा कि टी20 क्रिकेट में तगड़ी बैटिंग बढ़ती जा रही है. ऐसे में उन्होंने सोच-समझकर बाउंसर व बाकी गेंदों को फेंकना शुरू किया. उन्होंने कहा, 'हर साल विरोधी टीमें आपके लिए तैयारी करती हैं. इसलिए यह मानसिक खेल भी बन जाता है. मैं सोच रहा था कि एक कदम आगे रहने के लिए मैं क्या कर सकता हूं. वहां से बाउंसर और ट्रेजेक्टरी में बदलाव आए.'

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