पंजाब किंग्स के स्टार तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह अपने खराब प्रदर्शन और सोशल मीडिया एक्टिविटी को लेकर इन दिनों काफी चर्चा में हैं. व्लॉगिंग को लेकर वह विवाद में भी पड़ चुके हैं. इन सबके बीच अर्शदीप ने अब अपना रवैया भी बदल लिया है. पंजाब की टीम रविवार को धर्मशाला में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से टकराएगी और इससे पहले शनिवार दोपहर प्रैक्टिस के दौरान अर्शदीप अपने जाने-पहचाने अंदाज में नहीं दिखे. उन्होंने टीम के साथियों के साथ अपनी आदत के मुताबिक मज़ाक-मस्ती करने के बजाय पंजाब किंग्स के हेड कोच रिकी पोंटिंग के साथ गंभीर बातचीत करना ज़्यादा जरूरी समझा. वह IPL में काफी बुझे-बुझे से नजर आ रहे हैं.
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अर्शदीप का खराब सीजन भी एक बड़ी वजह है कि टूर्नामेंट के बीच में जिस ऊंचाई पर पंजाब किंग्स पहुंची थी, वहां से वह अचानक इतनी नीचे कैसे गिर गई. पंजाब किंग्स ने तेज गेंदबाज के शरीर में कुछ कमियां पाईं. अब यह बात सामने आई है कि टूर्नामेंट के दौरान वह शारीरिक रूप से अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति में नहीं थे. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पंजाब किंग्स के स्पोर्ट्स साइंस के प्रमुख एंड्रयू लीपस का कहना है कि वह कुछ समय से साथ मिलकर काम कर रहे हैं और अर्शदीप के शरीर की जांच कर रहे हैं कि क्या उनके शरीर में कोई ऐसी रुकावट है, जो उनके प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकती है. लीपस का कहना है कि उन्हें लगता है कि उन्हें इसका सही हल मिल गया है. पिछले कुछ हफ़्तों से अर्शदीप शारीरिक रूप से काफ़ी बेहतर महसूस कर रहे हैं.
खुद को अच्छे से संभाल रहे हैं अर्शदीप
लीपस के इस खुलासे से कुछ हद तक यह साफ हो जाता है कि अर्शदीप की गेंदों में वह तेज़ी क्यों नहीं दिख रही थी. वह अब मुश्किल हालात में यॉर्कर या बाउंसर सही जगह पर डालने में संघर्ष कर रहे हैं. जहां एक तरफ़ वह चुपचाप अपनी शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे थे. वहीं दूसरी तरफ मैदान के बाहर के विवाद भी उन पर भारी पड़ते दिख रहे हैं. लीपस ने चल रही चर्चाओं को पूरी तरह से खारिज तो नहीं किया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि अर्शदीप ड्रेसिंग रूम में खुद को काफ़ी अच्छे से संभाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि पर्दे के पीछे कई तरह की बातें चल रही हैं. जैसे व्लॉगिंग वगैरह. जहां तक उनके व्यवहार और रवैये की बात है, अर्श काफ़ी हद तक एक जैसा ही रहते हैं. वह न तो बहुत ज़्यादा उत्साहित होते हैं और न ही बहुत ज़्यादा निराश. ड्रेसिंग रूम में वह काफी मुखर रहते हैं. यह बात बिल्कुल नहीं बदली है.
अर्शदीप को विरोधी टीम के डगआउट से आगे देखने की ज़रूरत नहीं
उन्होंने आगे कहा कि ICC ने जो सबसे अच्छे काम किए हैं, उनमें से एक यह है कि उसने खिलाड़ियों से फोन ले लिए. जब आप टीम के माहौल में होते हैं, तो यह कोई समस्या नहीं होती. समस्या तब खड़ी होती है, जब आप उस माहौल से बाहर निकलते हैं. उन्होंने भी कुछ अफवाहें सुनी हैं. उन्हें लगता है कि शायद यह एक ऐसी चीज़ है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है. अगर मैदान के बाहर ध्यान भटकने की बातें सच भी हैं, तो भी अर्शदीप को रविवार दोपहर को खुद को फिर से प्रेरित करने के लिए विरोधी टीम के डगआउट से आगे देखने की ज़रूरत नहीं है. वहां दो 37 साल के खिलाड़ी हैं. विराट कोहली और भुवनेश्वर कुमार, जिनके नाम अपने करियर में ढेरों उपलब्धियां दर्ज हैं. लीपस ने जोर देकर कहा कि कप्तान श्रेयस अय्यर और अर्शदीप ने इस मुश्किल दौर में टीम के लीडर के तौर पर जबरदस्त शांति और संयम दिखाया है.
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