रवि बिश्नोई ने IPL 2026 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स के लिए मैच जिताने वाली गेंदबाजी कर टीम ने शानदार वापसी की. उन्होंने चार विकेट लेकर मैच का रुख ही पलट दिया. पिछले कुछ मुश्किल सीजनों के बाद इस युवा लेग-स्पिनर ने अपनी वापसी का श्रेय अपने खेल के हर पहलू पर काम करने को दिया. बिश्नोई का यह प्रदर्शन एक बहुत ही अहम मौके पर आया. गुजरात 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आसानी से आगे बढ़ रही थी, तभी बिश्नोई के लगातार दो विकेटों ने उनकी लय बिगाड़ दी.
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मैच के बाद बात करते हुए उन्होंने उस मुश्किल दौर के बारे में बताया जिससे वे गुजरे थे और यह भी बताया कि वापसी करने के लिए उन्होंने अपने खेल में क्या-क्या बदलाव किए. बिश्नोई पिछले सीजन लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा थे. उन्होंने बताया उनके लिए पिछला सीजन काफी मुश्किल था.
उन्होंने कहा-
पिछला सीजन मुश्किल था, लेकिन मैंने अपने प्रोसेज पर टिके रहने की कोशिश की. मेरी एक कमज़ोरी थी, अगर मेरी लेंथ गलत होती थी तो मुझ पर चौके और छक्के पड़ते थे. मैं इसी पर काम कर रहा था. मैंने घरेलू क्रिकेट का पूरा सीजन खेला और अपनी लेंथ को बेहतर बनाने पर काम किया. अपनी सही लेंथ पर गेंद डालने से बल्लेबाज को मुश्किल हुई और जब मेरी गेंद ज़्यादा फुल थी, तो आज भी मुझ पर मार पड़ी. मानसिक, तकनीकी और शारीरिक... तीनों ही. मैं ऑफ-सीजन में मैचों के बीच और घरेलू मैचों में भी अपनी फिजिकल फिटनेस पर काफी काम कर रहा हूं.
गुजरात की बिगाड़ी लय
बिश्नोई ने गेंदबाजी में अहम भूमिका निभाई, जिससे रॉयल्स ने मजबूत GT बैटिंग लाइनअप के ख़िलाफ 210 रन का स्कोर सफलतापूर्वक बचा लिया. आखिरी ओवरों में तुषार देशपांडे ने अपनी रणनीति को बेहतरीन ढंग से लागू करते हुए टीम को एक रोमांचक जीत दिलाई. इस जीत के साथ ही राजस्थान ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की और सीज़न की शुरुआत में ही पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया.
बिश्नोई का असर मैच के एक निर्णायक मोड़ पर देखने को मिला. जब गुजरात की टीम काफी मजबूत स्थिति में लग रही थी, तब उन्हें गेंदबाजी के लिए बुलाया गया. उन्होंने जल्द ही एक के बाद एक दो विकेट चटकाए और बाद में लौटकर अपने चार विकेट पूरे किए. उन्होंने 41 रन देकर 4 विकेट के आंकड़े के साथ अपना स्पैल पूरा किया.
73 रनों की शानदार पारी खेलने वाले साई सुदर्शन को आउट करना मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. अपनी लेंथ में बदलाव करके और गेंद पर नियंत्रण बनाए रखकर बिश्नोई ने गुजरात के बल्लेबाजों को गलतियां करने पर मजबूर कर दिया, जिससे एक अहम मोड़ पर उनकी गति थम गई.
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