आईपीएल 2026 सीजन के 69वें मैच में एक नया विवाद देखने को मिला. मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर जब गेंदबाजी कर रहे थे, तब रन-अप के दौरान उनका तौलिया गिर गया. इसके बावजूद राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज शुभम दुबे ने शॉट खेला और कैच आउट हो गए. दुबे जब पवेलियन लौटने लगे, तब राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच कुमार संगकारा ने इस फैसले पर आपत्ति जताई और वह थर्ड अंपायर से बातचीत करते नजर आए. इसके बाद यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. अब सामने आया है कि आखिर शुभम दुबे को आउट क्यों दिया गया.
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शार्दुल ठाकुर का तौलिया गिरा, फिर भी मिला विकेट
दरअसल, मुंबई इंडियंस के खिलाफ शार्दुल ठाकुर पारी का 18वां ओवर करने आए थे. चौथी गेंद फेंकने के दौरान जब शार्दुल रन-अप ले रहे थे, तभी उनकी कमर के पीछे लगा नीले रंग का तौलिया जमीन पर गिर गया. हालांकि, बल्लेबाज का ध्यान इससे भंग नहीं हुआ. शार्दुल ने गेंद फेंकी और शुभम दुबे ने बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन वह स्लोअर गेंद को समझ नहीं सके और कैच आउट हो गए. मैदानी अंपायर ने उन्हें आउट करार दिया. जब दुबे बाउंड्री लाइन के पास पहुंचे, तब हेड कोच कुमार संगकारा थर्ड अंपायर से बातचीत करते नजर आए. संगकारा का मानना था कि शार्दुल का तौलिया रन-अप के दौरान मैदान पर गिर गया था, इसलिए नियम के मुताबिक गेंद को डेड बॉल घोषित किया जाना चाहिए था.
शुभम दुबे क्यों हुए आउट?
हालांकि, अंपायरों का मानना था कि शार्दुल का तौलिया गेंद फेंकने से काफी पहले गिर गया था और इससे बल्लेबाज का ध्यान भंग नहीं हुआ. बल्लेबाज ने बिना किसी परेशानी के पूरी ताकत से शॉट खेला था. अगर बल्लेबाज का ध्यान भंग होता, तो गेंद को डेड बॉल करार दिया जा सकता था. यही कारण रहा कि शुभम दुबे को आउट दिया गया.
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तौलिया गिरने का क्या है नियम और कोहली के साथ क्या हुआ था?
नियमों के मुताबिक, अगर गेंदबाज का तौलिया या कोई अन्य वस्तु गिरने से बल्लेबाज का ध्यान भंग होता है और वह आउट हो जाता है, तो गेंद को डेड बॉल करार दिया जा सकता है. ऐसा मामला पहले भी क्रिकेट मैदान पर देखने को मिला है. साल 2017 में विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के एश्टन एगर का तौलिया गिरने के बावजूद चौका लगाया था, लेकिन बाद में अंपायर ने गेंद को डेड बॉल घोषित कर दिया था, जिसके चलते वह बाउंड्री नहीं गिनी गई. वहीं, काउंटी क्रिकेट में शोएब बशीर को भी ऐसी ही घटना में क्लीन बोल्ड होने के बावजूद नॉट आउट दिया गया था और गेंद को डेड बॉल माना गया था. तौलिया गिरने जैसी स्थिति में अंतिम फैसला अंपायर के अधिकार क्षेत्र में होता है. अंपायर यह तय करते हैं कि बल्लेबाज का ध्यान भंग हुआ या नहीं.
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